49% हिस्सेदारी का सपना दिखाया, 2.08 करोड़ लेने का आरोप! रिटायर्ड डॉक्टर से कथित ठगी का मामला पहुंचा थाने
NH किनारे पेट्रोल पंप की डीलरशिप का दावा कर साझेदारी का दिया भरोसा, निर्माण की तस्वीरें भेजकर बनाए रखा विश्वास; अब बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस

रांची। लंबे समय की जान-पहचान पर किया गया भरोसा एक रिटायर्ड डॉक्टर के लिए कथित तौर पर भारी पड़ गया। पुंदाग ओपी क्षेत्र में सेवानिवृत्त CCL चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव चौधरी ने हजारीबाग निवासी पिंकू कुमार चौधरी पर करीब 2.08 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने NH किनारे प्रस्तावित पेट्रोल पंप में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का भरोसा दिलाया और अलग-अलग खर्चों का हवाला देकर रकम लेता रहा। मामले में पुंदाग ओपी में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस अब पूरे लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
डीलरशिप मंजूर होने का दावा कर दिया साझेदारी का ऑफर
शिकायत के अनुसार, पिंकू कुमार चौधरी कई वर्षों से डॉक्टर के परिचित थे। आरोप है कि 20 मार्च 2022 को वह डॉक्टर के आवास पहुंचे और बताया कि चौपारण के पांडेय बाड़ा में NH किनारे HPCL पेट्रोल पंप की डीलरशिप मंजूर हो गई है।
बताया गया कि पिंकू ने पूंजी की कमी का हवाला देते हुए डॉक्टर और उनकी पत्नी डॉ. प्रभा कुमारी को कारोबार में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद 30 अप्रैल 2022 को 20 रुपये के स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट किए जाने की बात शिकायत में कही गई है।
आरोप है कि भरोसा कायम करने के लिए पिंकू ने 72.70 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी दिखाया और HPCL स्तर पर साझेदारी की औपचारिकता पूरी कराने का आश्वासन दिया।
अलग-अलग खर्चों के नाम पर करोड़ों लेने का आरोप
एग्रीमेंट के बाद आरोपी ने कथित तौर पर पेट्रोल पंप से जुड़े अलग-अलग खर्चों का हवाला देकर रकम लेना शुरू किया। शिकायत में भूमि विकास, सिक्योरिटी डिपॉजिट, निर्माण, मशीनरी, लाइसेंस, बिजली कनेक्शन और NOC समेत कई मदों का उल्लेख किया गया है।
डॉ. चौधरी के अनुसार, उनके बैंक खाते से करीब 1.32 करोड़ रुपये, जबकि उनकी पत्नी के खाते से करीब 28.90 लाख रुपये लिए गए।
पेट्रोल पंप के अलावा 55 लाख रुपये का भी आरोप
शिकायत में पेट्रोल पंप के अलावा एक अन्य कथित लेनदेन का भी जिक्र है। डॉक्टर का आरोप है कि पिंकू ने अपने दूसरे कारोबार में आर्थिक परेशानी का हवाला देते हुए 55 लाख रुपये का लोन लिया।
इसके लिए 19 दिसंबर 2022 को अलग से एकरारनामा किए जाने की बात कही गई है। शिकायत में करीब 27 लाख रुपये नकद और कमेटी के नाम पर लगभग 20 लाख रुपये लेने का आरोप भी लगाया गया है।
निर्माण की तस्वीरें भेजता रहा, ऐसे बना रहा भरोसा?
डॉ. चौधरी का आरोप है कि आरोपी लगातार उन्हें पेट्रोल पंप का निर्माण तेजी से चलने की जानकारी देता रहा। इसके साथ ही निर्माण स्थल की तस्वीरें भी भेजी जाती थीं।
शिकायत के मुताबिक, बीच-बीच में कुछ रकम लाभांश के तौर पर खातों में भेजी गई। इससे डॉक्टर का भरोसा बना रहा। हालांकि, बाद में उन्हें पूरे मामले पर संदेह होने लगा और उन्होंने कथित लेनदेन की वास्तविकता को लेकर जानकारी जुटानी शुरू की।
अब बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच
मामले में डॉ. चौधरी ने पुंदाग ओपी में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कथित धोखाधड़ी, जालसाजी और विश्वासघात के संबंध में कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस अब बैंक खातों, एग्रीमेंट, पैसों के लेनदेन और पेट्रोल पंप से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। फिलहाल प्राथमिकी में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पूरे मामले में वास्तव में कितनी रकम का लेनदेन हुआ और आरोपों में कितनी सच्चाई है।









