झारखंड पुलिस को मिलेगी हाई-स्पीड ताकत, खटारा गाड़ियां होंगी नीलाम, बोलेरो और अपाचे से होगी गश्ती
Jharkhand police will get high-speed power, junk vehicles will be auctioned, Bolero and Apache will be used for patrolling

रांची। झारखंड पुलिस अब चकाचक गाड़ियों में नजर आयेंगे। पुलिसकर्मियों को जल्द ही अब खटारा और जर्जर गाड़ियों से मुक्ति मिल जायेगी। राज्य सरकार ने पुलिस की पेट्रोलिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 1255 नई बोलेरो और 1697 हाई-स्पीड मोटरसाइकिल (TVS अपाचे) खरीदने की मंजूरी दे दी है।
कहा जा रहा है कि इस फैसले से न केवल गश्ती व्यवस्था को तेज और प्रभावशाली होगी, बल्कि अपराधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस को बेहतर संसाधनों से लैस हो जायेगी। राज्य सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव ने की।
पिछले दिनों हुई बैठक में योजना एवं विकास विभाग, कार्मिक विभाग, वित्त विभाग, और गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। बैठक में झारखंड पुलिस के लिए कुल 2952 वाहन खरीदने की स्वीकृति प्रदान की गई, जिसमें बोलेरो और अपाचे मोटरसाइकिलें शामिल हैं।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
अगर आंकड़ों की बात करें तो झारखंड के कुल 606 थानों में से 282 थाने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थित हैं। इन इलाकों में त्वरित प्रतिक्रिया और गश्ती के लिए विश्वसनीय और तेज़ रफ्तार वाहनों की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अब बोलेरो जैसी दमदार गाड़ी और अपाचे जैसी तेज रफ्तार बाइक से पुलिस को फील्ड में कहीं भी तत्काल पहुंचने में सुविधा होगी।
सरकार ने यह भी कहा कि अपराधी यदि बाइक से भागने की कोशिश करते हैं, तो पुलिस की हाई-स्पीड अपाचे बाइक उनकी रफ्तार को मात देने में सक्षम होगी। इसी तरह बोलेरो का इस्तेमाल अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचने और मुठभेड़ या छापेमारी जैसे अभियानों में करेंगे।
खटारा गाड़ियां जाएंगी नीलामी में
राज्य सरकार ने राज्य में 2212 अनफिट वाहनों की नीलामी को भी मंजूरी दे दी है। इनमें 1079 चार पहिया और 1133 दो पहिया वाहन शामिल हैं। इन वाहनों की स्थिति ऐसी थी कि न केवल वे ड्यूटी में बाधा बन रहे थे, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरे से खाली नहीं थे।
पूर्व में अग्निशमन विभाग की कई जर्जर गाड़ियां नीलाम की जा चुकी हैं, और अब राज्य स्तर पर यह बड़ी नीलामी प्रक्रिया होने जा रही है। नीलामी से प्राप्त होने वाली राशि को राज्य कोषागार में जमा कराया जाएगा, जिससे अन्य प्रशासनिक कार्यों में आर्थिक सहयोग मिलेगा।
अन्य विभागों के लिए भी वाहन खरीद की प्रक्रिया जारी
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव के लिए फोक्सवैगन वर्चुस कार खरीदी जाएगी। साथ ही राज्य के कुछ अन्य विभागों के लिए भी आवश्यकतानुसार नए वाहन खरीदने की प्रक्रिया जारी है।