शिबू सोरेन : गुरु-शिष्य की अनोखी मिसाल… शिबू सोरेन को पिता मानकर सरोज सिंह कर रहे श्राद्ध कर्म, मुंडन, दशकर्म से लेकर श्राद्ध भोज तक ….

Shibu Soren: A unique example of Guru-disciple… Saroj Singh is doing Shraddha Karma, Mundan, Dashkarma to Shraddha Bhoj by considering Shibu Soren as his father.

देवघर। 4 अगस्त को झारखंड के दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन की खबर ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया। राज्य सरकार ने तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की और 5 अगस्त को उनके पुत्र एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पैतृक गांव नेमरा में उन्हें मुखाग्नि दी। इसके बाद हेमंत सोरेन पुत्र धर्म निभाते हुए पिता का श्राद्ध कर्म कर रहे हैं।

 

दिशोम गुरू अनगिनत लोगों के आदर्श रहे हैं, लोग उनकी पूजा करते हैं। इसी कड़ी में देवघर के रहने वाले सरोज सिंह का शिबू सोरेन के प्रति सम्मान भी खूब चर्चा में है। झामुमो के सीनियर कार्यकर्ता रहे सरोज सिंह ने शिबू सोरेन को अपना पिता तुल्य गुरु मानते हुए स्वयं उनके श्राद्ध कर्म की परंपरा निभाई। उन्होंने मुंडन से लेकर पूजा-पाठ और भोज आयोजन तक सभी विधियां पूरी निष्ठा से संपन्न कीं।

 

सरोज सिंह का झामुमो से जुड़ाव करीब 35 वर्षों का है। वे पार्टी के उपाध्यक्ष, केंद्रीय समिति सदस्य और प्रवक्ता के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। गुरुजी के साथ उनका गहरा व्यक्तिगत संबंध था। शिबू सोरेन जब भी देवघर आते, सरोज सिंह और उनके परिवार से अवश्य मिलते थे।

 

शिबू सोरेन के निधन की खबर सुनते ही सरोज सिंह गहरे सदमे में चले गए। कुछ समय बाद उन्होंने निर्णय लिया कि गुरु-शिष्य की परंपरा के अनुसार एक शिष्य का धर्म निभाते हुए पांच दिनों का श्राद्ध कर्म करेंगे। स्थानीय पंडित के सुझाव पर उन्होंने 5 अगस्त से 9 अगस्त तक विधिवत सभी अनुष्ठान पूरे किए। सनातन परंपरा के अनुसार गुरु के लिए पांच दिनों का श्राद्ध कर्म किया जाता है, जबकि दस या बारह दिन का श्राद्ध केवल पुत्र करता है।

 

श्राद्ध कर्म के दौरान सरोज सिंह ने मुंडन करवाया, प्रतिदिन पूजा-अर्चना की और गुरुजी की याद में विशेष भोग अर्पित किया। अब वे एक विशाल भोज आयोजन की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। भोज की तारीख नेमरा में होने वाले आयोजन के अनुसार तय की जाएगी।

 

सरोज सिंह की पत्नी नूतन देवी ने बताया कि उनके पति गुरुजी के सिद्धांतों को अपने बच्चों को भी सिखाते हैं और मानते हैं कि उनके जीवन में जो सुख-समृद्धि है, वह गुरुजी की प्रेरणा का परिणाम है। परिवार ने भी श्राद्ध कर्म की सभी परंपराओं में पूरा सहयोग दिया।

 

झामुमो कार्यकर्ता चंद्रकांत गुप्ता के अनुसार, सरोज सिंह ने हमेशा गुरुजी के विचारों को आत्मसात किया और उनके मार्ग पर चले। आसपास के लोग भी सरोज सिंह के इस समर्पण को देखकर शिबू सोरेन के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिबू सोरेन जैसे नेता अगर देशभर में हों तो भारत और झारखंड की तस्वीर जरूर बदलेगी।

ashrita

It is one of the rapidly emerging news websites of the country. HPBL has proved its name (Har Pal Breaking Live) meaningful every time. HPBL, which has become a trusted brand of Bihar-Jharkhand, check every news of HPBL for its reliability before delivering it to you. The reporters and desk staff of hpblnews.com news website work on a 24X7 mission mode for you, the readers.

Related Articles