झारखंड: हाईप्रोफाइल नीरज सिंह हत्याकांड पर बस आने वाला है फैसला, कोर्ट से लेकर शहर तक में पुलिस का पहरा, 2017 में बीच सड़क पर चार लोगों की…

Jharkhand: The verdict on the high profile Neeraj Singh murder case is about to come, police vigil from court to the city, in 2017 four people were killed on the road...

धनबाद। झारखंड के हाईप्रोफाइल बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड पर आज फैसला आयेगा। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेशचंद्र अवस्थी आज अपना फैसला सुनाएंगे। कोयलांचल के इतिहास में 27 अगस्त 2025 का दिन ऐतिहासिक और निर्णायक साबित होने वाला है। दोनों खेमों – सिंह मेंशन और रघुकुल – के समर्थक फैसले को लेकर बेचैन हैं और अब निगाहें सिर्फ कोर्टरूम पर टिकी हैं।

 

फैसले के दिन दोनों गुटों के हजारों समर्थकों के कोर्ट और शहर में जुटने की आशंका है। लिहाजा धनबाद पुलिस-प्रशासन ने शहर को छावनी में बदल दिया है।

 

जगह-जगह पुलिस का पहरा 

धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि यह बेहद संवेदनशील मामला है। लिहाजा कोर्ट परिसर में पुलिस लाइन और धनबाद थाना से अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है और कोर्ट में सिर्फ केस से जुड़े पक्षकारों और वकीलों को ही प्रवेश मिलेगा। आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

 

कोर्ट पर नजरें, शहर में अलर्ट

पुलिस की टीम फैसले से जुड़े सभी पहलुओं पर पैनी नजर रख रही है। कई संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किए गए हैं। प्रशासन को आशंका है कि सिंह मेंशन और रघुकुल के समर्थक बड़ी संख्या में जुट सकते हैं, जिससे किसी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए कड़ी चौकसी बरती जा रही है।

 

क्या है नीरज सिंह हत्याकांड?

21 मार्च 2017 को सरायढेला थाना क्षेत्र के स्टील गेट के पास शाम होते ही पूर्व डिप्टी मेयर सह कांग्रेस नेता नीरज सिंह की फॉर्च्यूनर गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गई थीं। हमलावरों ने AK-47, कार्बाइन और 9 एमएम पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग की थी।

नीरज सिंह, उनके ड्राइवर ललटू महतो, साथी अशोक यादव और बॉडीगार्ड मुन्ना तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नीरज सिंह के शरीर से 17 गोलियां बरामद हुई थीं, जबकि  कुल 50 से अधिक राउंड फायरिंग की गई थी।

 

 

इस हत्याकांड में नीरज सिंह के चचेरे भाई और झरिया विधायक रागिनी सिंह के पति संजय सिंह समेत कई लोग आरोपी बनाए गए। 8 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने संजीव सिंह को जमानत भी दी थी। आपको बता दें कि नीरज सिंह की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी पूर्णिमा नीरज सिंह ने राजनीति में कदम रखा। वो झरिया से विधायक भी चुनी गयी थी। 2014 में नीरज सिंह को संजीव सिंह के हाथों झरिया में चुनाव हारना पड़ा था। जिसके बाद 2019 में पूर्णिमा नीरज सिंह ने रागिनी सिंह को हराकर उसका बदला लिया था। 52 साल बाद झरिया में कांग्रेस 2019 में ही जीती थी।

ashrita

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