खुशखबरी: दुर्गापूजा-दिवाली के पहले सस्ते हो जायेंगे टीवी और एसी, सरकार ने कर ली है तैयारी, जानिये कितना हो जायेगा ये सस्ता

Good news: TVs and ACs will become cheaper before Durga Puja and Diwali, the government has made preparations, know how much these will become cheaper

TV And AC honge Saste । अगर आप टीवी या एसी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार कर लीजिये। दिवाली के पहले टीवी और एसी दोनों सस्ते होने वाले हं। दरअसल केंद्र सरकार ने जीएसटी (GST) के नए वर्जन को लागू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही 15 अगस्त को लाल किले से इस योजना की घोषणा कर चुके हैं।

 

सरकार की मंशा है कि दिवाली (20 अक्टूबर) से पहले, यानी नवरात्र (22 सितंबर) से ही नई जीएसटी दरें लागू कर दी जाएं।इस पर अंतिम निर्णय 3 और 4 सितंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिया जाएगा। यदि राज्यों की सहमति मिल गई तो सरकार उसी दिन से अधिसूचना जारी कर सकती है।

 

क्या बदलेगा जीएसटी में?

जानकारी के मुताबिक नए वर्जन में जीएसटी दरों में बड़ा बदलाव होगा। फिलहाल चार स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) लागू हैं। प्रस्तावित संशोधन के तहत 12% और 28% स्लैब को खत्म कर दिया जाएगा। इसके बाद केवल 5% और 18% के स्लैब रह जाएंगे।

• एसी और 32 इंच से बड़े टीवी : अभी 28% जीएसटी लगता है। नए वर्जन में दर घटकर 18% हो जाएगी।

• शर्ट और फुटवियर (₹1000 से अधिक कीमत वाले) : अभी 12% जीएसटी है, जो घटकर 5% रह जाएगा।

इससे ग्राहकों को इन सामानों पर अच्छी-खासी बचत होगी।

 

दुकानदार और ग्राहक क्या कह रहे हैं?

दिल्ली और एनसीआर के दुकानदारों का कहना है कि महंगे शर्ट और फुटवियर की बिक्री लगभग रुक गई है। ग्राहक नए जीएसटी स्लैब लागू होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें सामान सस्ते दाम पर मिल सके।

एसी और टीवी की बिक्री भी इसी वजह से प्रभावित हो रही है। खुदरा व्यापारियों को उम्मीद है कि नया जीएसटी लागू होने के बाद बिक्री में बड़ी तेजी आएगी।

 

 

क्यों जरूरी है नया जीएसटी वर्जन?

सरकार की योजना केवल उपभोक्ताओं को राहत देने की नहीं है, बल्कि अर्थव्यवस्था को गति देने की भी है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका के “ट्रंप टैरिफ” से निर्यात पर असर पड़ा है, जिससे जीडीपी वृद्धि दर पर दबाव आ सकता है। ऐसे में घरेलू खपत को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को संतुलन देने का प्रयास किया जा रहा है।

त्योहारी सीजन में परंपरागत रूप से खरीदारी बढ़ जाती है। अगर जीएसटी की नई दरें लागू हो जाती हैं तो वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और फुटवियर जैसे क्षेत्रों में खपत तेजी से बढ़ेगी। इससे उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

 

अब सबकी नजरें 3 और 4 सितंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक पर टिकी हैं। यदि राज्यों ने केंद्र के प्रस्ताव पर सहमति दे दी तो नवरात्र से नया जीएसटी वर्जन लागू हो जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को सस्ता सामान मिलेगा और सरकार की कोशिश रहेगी कि त्योहारी सीजन में बाजारों की रौनक और अर्थव्यवस्था की रफ्तार दोनों बढ़ें।

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