बिहार में खेला होबे: 24 घंटे के भीतर रवि किशन और तेज प्रताप यादव की दूसरी मुलाकात, NDA में जाने की चर्चा तेज, रवि किशन बोलेे, “जल्द ही संगे शंखनाद होई”
Khela Hobe in Bihar: Second meeting between Ravi Kishan and Tej Pratap Yadav within 24 hours, discussion of joining NDA intensifies, Ravi Kishan says, "The conch will be blown soon."

Tez Pratap And Ravi Kishan : बिहार चुनाव में एक नये सियासी समीकरण को लेकर अटकलें तेज हो गयी है। ये सियासी समीकरण एक नये सवाल को भी जन्म दे रहा है। दरअसल चुनाव के दूसरे चरण से पहले तेज प्रताप यादव ने RJD में वापसी से इंकार किया था। अब दो दिनों में रवि किशन से लगातार मुलाकात और NDA नेताओं की खुली ऑफर से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
तेज प्रताप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट कर दिया था कि वे अब अपनी पुरानी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में वापसी नहीं करेंगे। इसके बाद से ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है।शुक्रवार को उनकी मुलाकात भाजपा सांसद और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन से पटना एयरपोर्ट पर हुई, जिसने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। यह चर्चा अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि शनिवार को दोनों नेताओं की फिर से पटना एयरपोर्ट पर भेंट हो गई।
मीडिया ने दोनों को घेरकर सवालों की बौछार शुरू कर दी, जिसके जवाबों ने सियासी अंदाज को और दिलचस्प बना दिया।रवि किशन ने पत्रकारों से कहा— “एके कहल जाला महादेव का जोड़ा।” वहीं तेज प्रताप ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह महज संयोग नहीं हो सकता कि वे लगातार दो दिनों में मिले। रवि किशन ने आगे इशारों में कहा— “जल्द ही संगे शंखनाद होई।” उनके इस बयान को चुनावी संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
मांझी का खुलेआम ऑफर – NDA में आएं तेज प्रताप
शनिवार को गया में मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी तेज प्रताप को NDA में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया। मांझी ने कहा—“यदि तेज प्रताप जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों से प्रभावित होकर NDA में शामिल होना चाहें, तो हम उनका स्वागत करेंगे।”
इसके बाद से यह अटकल और मजबूत हो गई कि तेज प्रताप NDA में शामिल होने की जमीन तैयार कर रहे हैं।
क्या तेज प्रताप RJD को संदेश दे रहे हैं?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप अपनी लगातार हो रही भाजपा नेताओं से मुलाकातों को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करके RJD हाईकमान को सीधे संदेश दे रहे हैं। उनका संकेत साफ है कि उन्हें पार्टी से निकालना RJD की बड़ी राजनीतिक भूल थी, और अगर उन्होंने अगला कदम उठाया तो वह NDA के पक्ष में होगा, न कि RJD के।
तेज प्रताप ने हाल ही में गया में एक सार्वजनिक सभा के दौरान कहा था—
“परिवार के ही लोगों ने षड्यंत्र कर मुझे परिवार और पार्टी से अलग किया। अब मैं बिहार के विकास के लिए काम करने वाली सरकार का समर्थन करूंगा।”
उनके इस बयान को भी NDA में संभावित जाने के संकेत के रूप में देखा गया।


