बीबी और उसकी गर्लफ्रेंड ने मिलकर 5 माह के बेटे को मार डाला, पत्नी और लेस्बियन पार्टनर हुई गिरफ्तार, पिता ने दर्ज करायी थी FIR, पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
Wife and her girlfriend killed their 5-month-old son; wife and lesbian partner arrested; father filed FIR; police investigation reveals major facts

Crime News । बीबी ने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर 5 माह के बेटे की जान ले ली। चौकाने वाला ये आरोप खुद महिला के पति ने लगाया है। आरोप है कि पत्नी की लेस्बियन मित्र ने मिलकर बच्चे को मार डाला। इस मामले में दोनों औरतों को गिरफ्तार किया गया है। हैरान करने वाला ये मामला तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले की है, जहां में एक पांच महीने के शिशु की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बच्चे की मां और उसकी करीबी महिला मित्र को गिरफ्तार किया है।
पति ने आरोप लगाया है कि दोनों ने मिलकर शिशु की गला दबाकर हत्या की। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी है। शिशु की मौत को पहले अचानक बीमारी का मामला माना गया था, लेकिन अब पिता की शिकायत के बाद यह मामला हत्या में बदल गया है। पुलिस ने बच्चे की मां और उसकी एक महिला परिचित को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
घटना के केंद्र में चिन्नाट्टी गांव का एक परिवार है। पीड़ित सुरेश, जो दिहाड़ी मजदूर हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी पत्नी भारती (26) और उसकी करीबी महिला मित्र सुमित्रा ने मिलकर उनके 5 महीने के बेटे की कथित रूप से गला दबाकर हत्या कर दी। दंपति की दो बेटियां (5 और 4 वर्ष) भी हैं।
घटना कैसे सामने आई?
दरअसल 5 नवंबर को शिशु की तबीयत अचानक बिगड़ने की सूचना पर उसे केलामंगलम के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने इसे प्राकृतिक मौत मानकर उसी दिन अंतिम संस्कार भी कर दिया था।
हालांकि, कुछ दिनों बाद सुरेश को अपनी पत्नी के व्यवहार पर संदेह हुआ। उसने बताया कि पत्नी के मोबाइल फोन की जांच करने पर उसे कई फोटो, चैट और वॉयस मैसेज मिले, जिसने उसके संदेह को गहरा कर दिया। इसके बाद सुरेश ने तुरंत केलामंगलम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
तीन वर्षों से चल रहा था संबंध, तनाव बना कारण?
पुलिस जांच में सामने आया है कि भारती और सुमित्रा के बीच करीब तीन वर्षों से घनिष्ठ संबंध थे। तीसरे बच्चे के जन्म के बाद परिस्थितियों में बदलाव आने से दोनों के बीच मुलाकातें कम हो गईं, जिससे कथित तौर पर तनाव उत्पन्न हुआ। पुलिस का कहना है कि इसी तनाव को लेकर घटना के लिए प्रेरित होने का संदेह जताया गया है।हालांकि पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जाएगी, और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने में जल्दबाजी नहीं की जाएगी।
डिजिटल साक्ष्य और फोन रिकॉर्डिंग से मजबूत हुआ मामला
सुरेश ने पुलिस को एक फोन कॉल रिकॉर्डिंग भी सौंपी है, जिसमें उसके अनुसार भारती ने शिशु की मौत में अपनी भूमिका स्वीकार की है। पुलिस ने इस ऑडियो सहित मोबाइल फोन से प्राप्त सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर भारती और सुमित्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
जांच जारी, पोस्टमॉर्टम हो सकता है फिर से
क्योंकि शिशु का अंतिम संस्कार किया जा चुका है, पुलिस ने अदालत से अनुमति लेकर रिकॉर्ड के आधार पर मेडिकल रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर जांच आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। आवश्यकता पड़ने पर एक्सह्यूमेशन (दफन/अंतिम संस्कार के बाद शव का परीक्षण के लिए निकालना) की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।
“बच्चे की मौत के वास्तविक कारण, आरोपों की सत्यता और कथित उद्देश्यों को स्पष्ट करने के लिए जांच कई आयामों में की जा रही है।”