महंगाई भत्ता को लेकर सरकार की दो टूक, कहा, डीए को मूल वेतन में मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं, अफवाहों को किया खारिज
The government is clear on the issue of dearness allowance, saying there is no proposal to merge DA with basic pay, and dismissed rumours.

DA News : महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को लेकर सरकार ने स्पष्ट जानकारी दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि महंगाई भत्ता (DA) या महंगाई राहत (DR) को मूल वेतन में मिलाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ये बातें लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कही। 8वें वेतन आयोग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने सोशल मीडिया पर भी डीए-डीआर से जुड़े भ्रामक दावों को खारिज किया।
केंद्रीय कर्मियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पूछे गए एक लिखित प्रश्न के उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट कर दिया कि डीए को मूल वेतन में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास लंबित नहीं है।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग की घोषणा और अधिसूचना के बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच यह सबसे बड़ा सवाल था कि क्या डीए और डीआर को बेसिक पे में जोड़ा जाएगा। कर्मचारी संघों ने भी सरकार से 50% डीए को मूल वेतन में मिलाने की मांग की थी। इसी पृष्ठभूमि में यह स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार ने सोशल मीडिया पर भी किया दावों का खंडन
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर फैलाए जा रहे दावे, जिनमें कहा जा रहा था कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भविष्य में बढ़े हुए डीए और नए वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलेगा, को भी सरकार ने “झूठा और भ्रामक” बताया।
सरकार ने स्पष्ट किया कि डीए और डीआर देने की प्रणाली पूर्ववत जारी रहेगी, और ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है जिससे भविष्य में कर्मचारियों को इन लाभों से वंचित किया जाए।
क्याण मर्ज होगा डीए? सरकार ने दिया स्पष्ट जवाब
वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि 8वें वेतन आयोग के गठन को अधिसूचित कर दिया गया है, लेकिन डीए को बेसिक सैलरी में मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
इसका अर्थ है कि पेंशनर्स के लिए भी डीआर (महंगाई राहत) को मूल पेंशन में मर्ज नहीं किया जाएगा।
पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि सरकार डीए-डीआर को बढ़ाने की बजाय इसे मूल वेतन में ही शामिल कर सकती है। यदि ऐसा होता तो अगले वेतन चक्र में डीए की गणना नए मूल वेतन से होती, जिससे राशि बढ़ सकती थी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30,000 रुपये है और डीए मर्ज कर मूल वेतन 55,000 रुपये हो जाए, तो 10% डीए बढ़ने पर कर्मचारी को 5,500 रुपये मिलते। लेकिन अब यह संभावना समाप्त हो गई है।
कैसे तय होता है महंगाई भत्ता?
महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) बढ़ती महंगाई की भरपाई के लिए दी जाती है।
केंद्र सरकार हर छह महीने में AICPI-IW (ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स–इंडस्ट्रियल वर्कर्स) के आधार पर डीए को रिवाइज करती है।
– कर्मचारियों के लिए DA
– पेंशनर्स के लिए DR
दोनों की दरें हमेशा समान रहती हैं।
डीए महंगाई के बढ़ने पर वेतन की क्रय शक्ति बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भत्ता माना जाता है। इसलिए सरकार ने इसे मूल वेतन में मिलाने के विचार से दूरी बनाई है।








