परीक्षा में गजब का मामला : पुलिस विभाग की परीक्षा में मजिस्ट्रेट बनकर घुस गया सॉल्वर गैंग, पहले इंस्पेक्शन का दिखावा, फिर कराने लगा चिटिंग, चार गिरफ्तार
A shocking incident in the examination: A gang of solvers entered the police department examination posing as magistrates, first pretended to inspect, then started cheating; four arrested.

Solver Gang : पुलिस विभाग की परीक्षा में ऐसा गोलमाल हुआ कि अफसरों ने भी सर पीट लिया। पुलिस विभाग में चालक भर्ती परीक्षा के दौरान मजिस्ट्रेट बनकर सॉल्वर गैंग के सदस्य पहुंच गये। पूरा मामला रोहतास जिले का है, जहां बिहार पुलिस चालक भर्ती परीक्षा के दौरान नकली मजिस्ट्रेट बनकर परीक्षा केंद्र में घुसने वाले सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ है।
इस मामले में ASP डेहरी की त्वरित कार्रवाई से पूरे रैकेट के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरोह परीक्षा से एक दिन पहले ही सेंटर की रेकी कर चुका था। सॉल्वर गैंग के सदस्य नकली मजिस्ट्रेट बनकर परीक्षा केंद्र के अंदर तक पहुंच गए। लेकिन स्थानीय प्रशासन की सतर्कता ने उनकी योजना विफल कर दी और चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
नकली मजिस्ट्रेट बनकर पहुंचा अशोक कुमार सिंह
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय चयन परिषद की ओर से बिहार पुलिस में चालक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसी दौरान रोहतास के D.A.V. स्कूल कटार परीक्षा केंद्र में एक व्यक्ति खुद को पटना सचिवालय से जुड़े वरीय कोषागार पदाधिकारी बताते हुए परीक्षा कक्ष के भीतर पहुंच गया। उसका नाम अशोक कुमार सिंह है, जो पटना के महेंद्रु घाट स्थित एक कोचिंग संस्थान में शिक्षक बताया जाता है।
अशोक कुमार सिंह नकली आईडी कार्ड लेकर परीक्षा केंद्र में घुसा और मजिस्ट्रेट बनकर केंद्र का भ्रमण करने लगा। हैरानी की बात यह है कि परीक्षा से एक दिन पहले भी उसने केंद्र पर पहुंचकर रेकी की थी।डेहरी के A.S.P. अतुलेश झा ने बताया—“स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी के कारण पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। आरोपी अशोक कुमार सिंह और उसके तीन साथी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।”
कैसे पहुंचे सॉल्वर परीक्षा कक्ष तक?
जांच के दौरान पता चला कि यह व्यक्ति परीक्षा निरीक्षण के बहाने कई कमरों में गया। बाद में वह एक चिन्हित अभ्यर्थी विकास कुमार के पास पहुंचा और उसे अपने साथ बाहर ले गया। बाहर खड़ी स्कॉर्पियो में पहले से दो लोग मौजूद थे—
• संतोष कुमार (सॉल्वर एक्सपर्ट)
• ललित कुमार (स्कॉर्पियो चालक)
पुलिस के अनुसार, विकास कुमार की O.M.R. शीट उसी गाड़ी में बैठकर भर दी गई और फिर उसे वापस परीक्षा कक्ष में भेज दिया गया।
शक हुआ तो खुली पोल
परीक्षा केंद्र में मौजूद पुलिस अधिकारी, सुपरवाइजर और मजिस्ट्रेट को उसके व्यवहार और लगातार कक्षों में घूमने पर संदेह हुआ। जब उससे पूछताछ की गई तो उसकी पहचान पर संदेह गहरा गया। बाद में स्कॉर्पियो वाहन की जांच में पूरी साजिश सामने आ गई।इंद्रपुरी थाना पुलिस और परीक्षा केंद्र पर मौजूद सुरक्षा टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी
1. अशोक कुमार सिंह – नकली मजिस्ट्रेट, कोचिंग का शिक्षक
2. विकास कुमार – अभ्यर्थी, OMR भरवाने में शामिल
3. संतोष कुमार – क्वेश्चन सॉल्वर
4. ललित कुमार – चालक, घटना में सहयोगी
पुलिस ने उनके पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनमें परीक्षा संबंधी कई संदिग्ध जानकारियां पाई गईं।









