रांची में ‘बंटी-बबली’ स्टाइल ठगी का पर्दाफाश, लोन दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाला दंपती गिरफ्तार
A 'Bunty-Babli' style scam has been exposed in Ranchi. A couple who duped people of lakhs of rupees in the name of providing loans has been arrested.

रांची। लोन के नाम पर ठगी करने वाले बंटी-बबली पुलिस के शिकंजे में आ गये हैं। सस्ते लोन का झांसा देकर शिकार बनाने वाले दोनों बंटी-बबली अब तक कईयों को चुना लगा चुके थे। पुलिस ने इस मामले में पति पत्नी की शातिर जोड़ी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी दंपती की तलाश ओडिशा पुलिस को भी थी। पुलिस ने लोगों से ऐसे ठगों से सतर्क रहने की अपील की है।
राजधानी रांची ने फिल्मी अंदाज में ठगी करने वाले एक पति-पत्नी का पर्दाफाश हुआ है, जो खुद को फाइनेंस और लोन प्रोसेसिंग से जुड़ा बताकर बड़े कारोबारियों को निशाना बना रहे थे। बंटी-बबली की तर्ज पर यह दंपती कम ब्याज और कम प्रोसेसिंग फीस पर भारी-भरकम लोन दिलाने का लालच देकर लाखों रुपये ऐंठ लेता था। शिकायत के बाद कांके थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कैसे करते थे ठगी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवाजी पाटिल उर्फ अमित महतो और उसकी पत्नी एंजेला कुजूर के रूप में हुई है। दोनों रांची में रहकर खुद को प्रभावशाली फाइनेंस कंसल्टेंट बताते थे। उनका मुख्य निशाना बड़े व्यवसायी होते थे, जिन्हें वे कम ब्याज दर पर बड़े लोन दिलाने का भरोसा दिलाते थे।आरोपी पहले भरोसा जीतते, फिर प्रोसेसिंग फीस, कमीशन और दस्तावेजी खर्च के नाम पर धीरे-धीरे मोटी रकम वसूल लेते थे। जब लोन नहीं मिलता और पीड़ित सवाल करने लगता, तो उसे झूठे कागजात या फर्जी एग्रीमेंट दिखाकर टालने की कोशिश की जाती थी।
74 लाख रुपये की ठगी से खुला मामला
इस पूरे ठगी गिरोह का खुलासा तब हुआ, जब रामगढ़ जिले के व्यवसायी सरोजकांत झा ने कांके थाना में एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि एंजेला कुजूर और शिवाजी पाटिल ने उन्हें कम ब्याज पर बड़ा लोन दिलाने का वादा किया था। इसके बदले उनसे करीब 74 लाख रुपये वसूल लिए गए।
इतना ही नहीं, जब लोन नहीं मिला तो आरोपियों ने एक जमीन का फर्जी एग्रीमेंट भी कर दिया, जबकि वह जमीन उनकी थी ही नहीं। जब व्यवसायी को ठगी का एहसास हुआ, तब उसने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
ओडिशा में भी कर चुके हैं ठगी
ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यह दंपती सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं था। ओडिशा में भी इन्होंने ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। ओडिशा के सुदाम बारीक नामक युवक से जुड़े एक व्यवसायी को भी लोन दिलाने के नाम पर करीब 42 लाख रुपये की ठगी की गई थी। इसी मामले में ओडिशा पुलिस को भी दोनों आरोपियों की तलाश थी।









