झारखंड में पेसा कानून से क्या कुछ बदल जायेगा, 15 जिले आयेंगे कानून के दायरे में, मुख्यमंत्री बोले, पेसा कानून जनता को समर्पित…
What will change in Jharkhand with the PESA Act? 15 districts will come under the ambit of the Act. The Chief Minister said, the PESA Act is dedicated to the people...

PESA Kanoon : झारखंड का चिर प्रतिक्षित पेसा कानून को कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है। आज हेमंत कैबिनेट ने संशोधित प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। पेसा (पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल्ड एरिया) नियमावली के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा। ग्राम सभाओं को तरजीह दी गई है।
योजना बनाने में ग्राम सभा की भूमिका होगी। राज्य के अनुसूचित क्षेत्र में पेसा एक्ट लागू होगा। इस कानून के लागू होने से ग्राम सभाएं अब पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली होंगी। नए नियमों के तहत ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र में खनन अधिकार, भूमि अधिग्रहण और वन भूमि से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लेने का वैधानिक अधिकार प्राप्त होगा।
ग्राम सभा महत्वपूर्ण अधिकार मिलेंगे
पेसा (पंचायत उपबंध – अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) कानून के माध्यम से अब पंचायतों को जमीन और खनिजों पर अधिक नियंत्रण मिलेगा। ग्राम सभा अपने क्षेत्र में खनन कार्यों पर नियंत्रण के अलावा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाएगी। इसके अलावा वन भूमि के प्रबंधन और उससे जुड़े अहम निर्णय में भी ग्राम सभा को कई महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त होंगे।
ग्राम सभाओं को तरजीह दी गई है। योजना बनाने में ग्राम सभा की भूमिका होगी। पारंपरिक ग्राम सभाओं को अधिकार दिया गया है। सभी ग्राम सभा अपने परंपरा को नोटिफाई करेगी। अधिसूचना जारी होते ही एक्ट लागू होगा। राज्य के अनुसूचित क्षेत्र में पेसा एक्ट लागू होगा। इसके दायरे में 15 जिले होंगे। पेसा नियमावली के तहत ग्राम सभाओं को प्राथमिकता दी गई है। विकास योजनाओं के निर्माण में ग्राम सभाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पारंपरिक ग्राम सभाओं को अधिकार दिए गए हैं तथा सभी ग्राम सभाएं अपनी परंपराओं को अधिसूचित करेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा
पेसा कानून को लेकर मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि …
“आज पूरे कैबिनेट का एक महत्वपूर्ण विषय था पेसा को लेकर। आज हमने पेसा एक्ट किस तरीके से लागू हो इसको लेकर न्यायमवाली बनायीं। बहुत लोगों से विमर्श करते हुए और विभिन्न विभागों से मंतव्य लेते हुए यह आज आखिरकार राज्य की जनता को समर्पित होगा। इसको बेहतर से बेहतर तरीके से पूरे राज्य में विशेष कर जहाँ अनुसूचित क्षेत्र हैं वहां विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए धरातल पर उतरा जायेगा।









