झारखंड: “20 लाख दो, वरना जिंदा नहीं छोड़ेंगे” झारखंड में PLFI के उग्रवादियों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, फिर थमाया 20 लाख की लेवी वसूली का लेटर
Jharkhand: "Give 20 lakh rupees or we won't leave you alive." PLFI militants opened fire in Jharkhand, then handed over a letter demanding 20 lakh rupees in levy.

Jharkhan News : झारखंड के खूंटी जिले में एक बार फिर उग्रवादियों ने दस्तक दी है। डुगड़गिया स्थित एक क्रेसर प्लांट में घुसकर अज्ञात उग्रवादियों ने फायरिंग की और पीएलएफआई के नाम से 20 लाख रुपये की लेवी की मांग करते हुए धमकी पत्र छोड़ा। अब पुलिस इस मामले में जांच में जुट गयी है। इस गतिविधि ने प्रशासन और स्थानीय व्यवसायियों की चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के मुताबिक खूंटी सदर थाना क्षेत्र के डुगड़गिया गांव स्थित मेसर्स नितेश शारदा क्रेसर प्लांट में 24 दिसंबर की रात अज्ञात उग्रवादियों ने घुसकर फायरिंग की और मौके पर दहशत का माहौल बना दिया। देर रात चार अज्ञात उग्रवादी हथियारों के साथ क्रेसर प्लांट परिसर में दाखिल हुए। उन्होंने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिससे वहां काम कर रहे कर्मचारी और अधिकारी सहम गए।
वहीं, फायरिंग के बाद उग्रवादियों ने प्लांट में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों को पीपुल्स लिब्रेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के नाम से जारी एक पत्र थमा दिया और मौके से फरार हो गए। पत्र में क्रेसर प्लांट के संचालक से 20 लाख रुपये की लेवी की मांग की गई है। पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर लेवी की रकम नहीं दी गई तो “फौजी कार्रवाई” की जाएगी।
यह धमकी पत्र पीएलएफआई के जोनल सदस्य राजेश यादव के नाम से जारी बताया जा रहा है। पत्र की भाषा और अंदाज से स्पष्ट है कि उग्रवादी अपने प्रभाव क्षेत्र में भय बनाकर अवैध वसूली करना चाहते हैं। घटना की सूचना मिलते ही खूंटी सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ खोखे बरामद किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने क्रेसर प्लांट के कर्मचारियों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की है, ताकि उग्रवादियों की पहचान और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी उग्रवादी संगठन लेवी वसूली के लिए इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से स्थिति अपेक्षाकृत शांत थी, लेकिन इस घटना के बाद फिर से दहशत का माहौल बन गया है। व्यवसायियों में डर है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो उग्रवादी ऐसे ही वारदातों को अंजाम देते रहेंगे।
पुलिस और जिला प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और आसपास के जंगलों में सर्च ऑपरेशन भी शुरू किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उग्रवादियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।









