अंडे की कीमत ने रिकॉर्ड तोड़े: झारखंड-बिहार सहित कई राज्यों में अंडे की कीमत ने तोड़े रिकॉर्ड, कई राज्यों में अंडे की शार्टेज, जनवरी में और बढ़ेगी कीमत
Egg prices break records: Egg prices have broken records in several states, including Jharkhand and Bihar. Egg shortages are prevalent in many states, and prices are expected to rise further in January.

Egg Price : …वो कहते हैं ना हर किसी का वक्त आता है…ऐसा ही कुछ वक्त इन दिनों अंडे का चल रहा है। इस बार अंडे ने देश भर में कीमत का नया रिकॉर्ड बना दिया है। पहली बार ऐसा है, जब अंडा 10 रुपये से भी ज्यादा कीमत पर बिक रहा है। रांची, पटना दिल्ली, मुंबई, पुणे, सूरत, लखनऊ, वाराणसी, पटना और रांची सहित देश के कई बड़े शहरों में इस बार अंडे की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। खुदरा बाजार में एक अंडा 8-10 रुपये से कम में कहीं नहीं मिल रहा है।
बढ़ती मांग, घटता उत्पादन और महंगे पोल्ट्री फीड के चलते जनवरी तक दाम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खुदरा बाजार में एक अंडा 8-10 रुपये से कम में कहीं उपलब्ध नहीं है, जबकि कई शहरों में इसकी कीमत 9 से 10 रुपये तक पहुंच चुकी है। आमतौर पर 7 से 9 रुपये के बीच बिकने वाला अंडा इस बार दिसंबर में ही महंगा हो गया है, जिससे दुकानदार और उपभोक्ता दोनों हैरान हैं।
अगस्त–सितंबर के मुकाबले अब कीमतों में 25 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। अभी जनवरी का पूरा महीना बाकी है, ऐसे में विशेषज्ञों का अनुमान है कि ठंड और बढ़ने के साथ अंडों की मांग और तेज होगी, जिससे दाम और चढ़ सकते हैं। अकेले उत्तर प्रदेश में रोजाना करीब 5.5 से 6 करोड़ अंडों की जरूरत होती है, जिसमें से 3.5 से 4 करोड़ अंडे दूसरे राज्यों से मंगाए जाते हैं।
यूपी में इस समय रिटेल बाजार में एक अंडा 8 से 10 रुपये तक बिक रहा है, जबकि थोक में इसकी कीमत 7.5 रुपये तक पहुंच गई है। ट्रांसपोर्ट और अन्य खर्च जोड़ने पर खुदरा कीमत और बढ़ जाती है।नवाब अकबर अली के मुताबिक, बाजार के रुझान को देखते हुए होलसेल में अंडा 15–20 पैसे और महंगा हो सकता है। ऐसे में जनवरी के दौरान खुदरा में अंडा 8.5 रुपये या उससे ज्यादा बिके, तो यह कोई हैरानी की बात नहीं होगी। हालांकि, फरवरी से कीमतों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पोल्ट्री फार्मरों की मजबूरी
पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रनपाल ढांढा का कहना है कि 8 रुपये में बिक रहा अंडा वास्तव में बहुत महंगा नहीं है, बल्कि इससे पोल्ट्री फार्मरों को सही दाम मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बीते कई वर्षों से पोल्ट्री फीड लगातार महंगी होती जा रही है, लेकिन अंडों के दाम लंबे समय तक नहीं बढ़े।
फीड में इस्तेमाल होने वाली मक्का और सोयाबीन की सरकारी कीमतें हर साल बढ़ जाती हैं, जबकि अंडे की कीमतें लगभग स्थिर रहती थीं। इसका नतीजा यह हुआ कि बड़ी संख्या में पोल्ट्री फार्मर घाटे के कारण अपने फार्म बंद करने लगे, जिससे उत्पादन घट गया।
थोक बाजार का हाल
नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमिटी (NECC) के मुताबिक, थोक बाजार में इस समय सबसे सस्ता अंडा तमिलनाडु के नमक्कल और कर्नाटक के होसपेट में बिक रहा है, जहां 100 अंडों का रेट 640 से 645 रुपये है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ये दोनों देश की सबसे बड़ी अंडा मंडियां हैं और नमक्कल से बड़ी मात्रा में अंडों का निर्यात विदेशों में भी किया जाता है।
कुल मिलाकर, सर्दी के मौसम में बढ़ती मांग और उत्पादन की चुनौतियों के चलते अंडों की कीमतें फिलहाल ऊंची बनी रहने के आसार हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को कुछ समय तक महंगाई झेलनी पड़ सकती है।






