झारखंड- जिस दुल्हन की हत्या की दर्ज हुई थी FIR, वो तो जिंदा मिली, अपने दोस्त के साथ रहने लगी थी, दहेज हत्या का केस पलट गया
Jharkhand - The bride whose murder was reported to have been FIRed was found alive and living with a friend, and the dowry death case was overturned.

Jharkhand News: झारखंड में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जिस दुल्हन की हत्या के मामले में FIR दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की थी, वो दुल्हन जिंदा मिली है। पुलिस ने युवती को राजस्थान के अजमेर से बरामद किया है। पूरा मामला झारखंड के पलामू जिले के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र का है। कोर्ट में प्रस्तुति के बाद युवती को पलामू लाकर परिजनों के सुपुर्द किया गया।
बताया जा रहा है कि युवती अपनी मर्जी से अजमेर में अपने एक पुराने दोस्त के साथ रह रही थी। दुल्हन की बरामदगी के बाद हत्या की आशंका में दर्ज कराया गया केस पूरी तरह पलट गया। मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र में एक नवविवाहित लड़की के गायब होने के बाद उसके पिता ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का गंभीर आरोप लगाया था। जो अब राजस्थान के अजमेर से जिंदा और सुरक्षित बरामद हुई है।
जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की रहने वाली इस लड़की की शादी 8 अक्टूबर को पलामू जिले के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र निवासी युवक से हुई थी। हालांकि शादी के कुछ समय बाद अचानक से 7 दिसंबर को लड़की के ससुर ने मोहम्मदगंज थाना में सूचना दी कि उनकी बहू अचानक घर से गायब हो गई है। ससुराल पक्ष ने शुरुआत में इसे गुमशुदगी का मामला बताया।
वहीं सोनभद्र में रहने वाले लड़की के पिता ने हत्या की आशंका जताते हुए दहेज हत्या का मामला दर्ज करा दिया। पिता की शिकायत पर पुलिस ने दहेज हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। मोहम्मदगंज पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। इसी दौरान पुलिस को अहम सुराग हाथ लगा, जिससे पता चला कि युवती राजस्थान के अजमेर में मौजूद है।
इसके बाद पुलिस टीम ने संबंधित राज्य की पुलिस से समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की और युवती को अजमेर से बरामद किया।बरामदगी के बाद युवती को राजस्थान की स्थानीय अदालत में प्रस्तुत किया गया। कोर्ट की अनुमति के बाद उसे पलामू लाया गया, जहां औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इस पूरे मामले पर मोहम्मदगंज थाना प्रभारी नारायण सोरेन ने बताया कि युवती अजमेर में अपने एक दोस्त के पास रह रही थी। उन्होंने बताया कि यह दोस्ती शादी से पहले की थी और युवती अपनी मर्जी से वहां गई थी। पुलिस के अनुसार, युवती के लापता होने के पीछे किसी प्रकार की हत्या या जबरन अपहरण के प्रमाण नहीं मिले हैं।
थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि लड़की के परिजनों ने भावनात्मक आक्रोश और आशंका के चलते हत्या का आरोप लगाया था, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे प्रकरण का खुलासा किया।









