झारखंड: इन दो नंबरों से आये कॉल तो मत देना डीसी सर को पैसे, उपायुक्त के नाम पर चल रहा है फर्जीवाड़ा, जिला प्रशासन ने चेताया

Jharkhand: Do not give money to anyone who calls from these two numbers claiming to be the DC; a fraud is being perpetrated in the name of the Deputy Commissioner, the district administration has warned.

हजारीबाग। उपायुक्त के नाम से फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाकर अधिकारियों और आम लोगों से पैसे मांगने का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन ने इसे साइबर ठगी बताते हुए लोगों से सतर्क रहने और किसी भी तरह के कॉल या मैसेज पर भरोसा न करने की अपील की है।

ठगों ने जिले के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के नाम और फोटो का इस्तेमाल करते हुए फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल तैयार कर ली है और इसके माध्यम से अधिकारियों एवं आम नागरिकों से अवैध रूप से पैसों की मांग की जा रही है। इस मामले के सामने आते ही जिला प्रशासन सतर्क हो गया है और आम लोगों को अलर्ट जारी किया गया है।

जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ठगों द्वारा जिन मोबाइल नंबरों का उपयोग किया जा रहा है, उनका प्रशासन से कोई लेना-देना नहीं है। फिलहाल जिन दो मोबाइल नंबरों — 84564952162 और 84823486196 — से लोगों को कॉल या व्हाट्सएप मैसेज भेजे जा रहे हैं, वे पूरी तरह फर्जी हैं। इन नंबरों से जिला प्रशासन का किसी भी प्रकार का आधिकारिक या अनाधिकारिक संबंध नहीं है।

प्रशासन ने बताया कि कुछ लोगों को उपायुक्त के नाम से मैसेज भेजकर तत्काल मदद, सरकारी कार्य या किसी विशेष कारण का हवाला देते हुए पैसे भेजने का दबाव बनाया जा रहा है। ठग सरकारी पद और अधिकार का डर या प्रभाव दिखाकर लोगों को झांसे में लेने की कोशिश कर रहे हैं।

यह तरीका साइबर अपराधियों द्वारा अपनाया जाने वाला एक आम लेकिन बेहद खतरनाक तरीका है, जिससे कई लोग अनजाने में ठगी का शिकार हो जाते हैं।

जिला प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि उपायुक्त या प्रशासन का कोई भी अधिकारी कभी भी व्यक्तिगत मोबाइल नंबर से इस तरह पैसे की मांग नहीं करता। यदि किसी व्यक्ति को उपायुक्त के नाम से कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप संदेश प्राप्त होता है, तो उसे तुरंत संदिग्ध मानें और किसी भी हालत में पैसे का लेन-देन न करें।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी कॉल या मैसेज की जानकारी तुरंत अपने नजदीकी थाना, साइबर सेल या जिला प्रशासन को दें, ताकि समय रहते ठगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही ऐसे फर्जी नंबरों को ब्लॉक करने और साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की भी सलाह दी गई है।

जिला प्रशासन ने अधिकारियों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि कोई भी अधिकारी यदि उपायुक्त या किसी वरिष्ठ अधिकारी के नाम से संदिग्ध कॉल या संदेश प्राप्त करता है, तो बिना पुष्टि के कोई कदम न उठाए और तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग या प्रशासन को दे।

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