झारखंड- मां-बेटी की कमरे में संदिग्ध परिस्थिति में मिली लाश, पति ने बतायी पुलिस के ऐसी वजह, मचा कंपनी में हड़कंप, चल रही है जांच
Jharkhand: Mother and daughter's bodies found in a room under suspicious circumstances; husband tells police the reason, causing panic within the company; investigation underway.

Jharkhand News : मां-बेटी की संदिग्ध हालत में लाश मिली है। घटना गिरिडीह थाना क्षेत्र के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गादी श्रीरामपुर की है। जानकारी के अनुसार दोनों ने अपने ही घर के एक कमरे में आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान 36 वर्षीय पुतुल देवी और उनकी 16 वर्षीय बेटी स्नेहा कुमारी के रूप में हुई है। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है।
सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव और मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और कमरे को सील करते हुए साक्ष्य जुटाए। इसके बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतका पुतुल देवी के पति सोनू राम ने घटना के पीछे कर्ज के दबाव को मुख्य कारण बताया है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी ने एक महिला समूह के माध्यम से लगभग पांच लाख रुपये का लोन लिया था, जिसकी जानकारी उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को नहीं दी थी। समय के साथ फाइनेंस कंपनी द्वारा ईएमआई जमा करने का दबाव बढ़ने लगा, जिससे पुतुल देवी मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थीं।
सोनू राम के अनुसार, वह अक्सर पत्नी से परेशानी का कारण पूछते थे, लेकिन वह अपनी तकलीफ किसी को बताने से बचती थीं। उन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तब उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा खोलने पर अंदर का दृश्य देखकर परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। मां और बेटी दोनों मृत अवस्था में पाई गईं।
पुलिस ने मृतकों के परिजनों से विस्तार से पूछताछ की। सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि घर में पति के अलावा मृतका के तीन भाई भी रहते हैं और सभी के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आत्महत्या के पीछे की असल वजह क्या है, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
एसडीपीओ ने यह भी कहा कि यह देखा जा रहा है कि लोन किस संस्था से लिया गया था, ईएमआई को लेकर किस तरह का दबाव बनाया जा रहा था और क्या किसी प्रकार की प्रताड़ना या धमकी तो नहीं दी गई। यदि जांच में किसी भी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









