झारखंड शिक्षकों की खबर : 3451 सहायक शिक्षक नियुक्ति मामला: झारखंड हाई कोर्ट ने चयन प्रक्रिया पर रोक से किया इनकार, पढ़िये कोर्ट ने क्या कहा…
Jharkhand Teachers News: 3451 Assistant Teacher Appointment Case: Jharkhand High Court refuses to stay the selection process, read what the court said...

झारखंड में 3451 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है, इसलिए इस स्तर पर हस्तक्षेप उचित नहीं होगा।
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रांची। झारखंड में 3,451 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अहम फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत ने चयन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग को खारिज करते हुए अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
हालांकि, अदालत ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है और राज्य सरकार सहित सभी प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सहायक शिक्षक नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही है। ऐसे में इस स्तर पर हस्तक्षेप कर चयन प्रक्रिया को बाधित करना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दे गंभीर हैं, लेकिन अंतरिम आदेश के जरिए भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाना न्यायसंगत नहीं है।
मामले में याचिकाकर्ता पावेल कुमार एवं अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत में पक्ष रखते हुए दलील दी कि नियुक्ति विज्ञापन और नियमों के अनुसार झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) पास होना अनिवार्य योग्यता के रूप में निर्धारित किया गया है, जबकि राज्य सरकार ने वर्ष 2016 के बाद से जेटेट परीक्षा का आयोजन ही नहीं किया है।
उन्होंने इसे अभ्यर्थियों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि जब परीक्षा आयोजित ही नहीं की गई, तो उसे अनिवार्य शर्त के रूप में लागू करना मनमाना और अनुचित है।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने यह भी मांग की कि केंद्र सरकार द्वारा आयोजित समकक्ष शिक्षक पात्रता परीक्षाओं को पास करने वाले अभ्यर्थियों को भी सहायक शिक्षक नियुक्ति के लिए पात्र माना जाए, ताकि योग्य उम्मीदवारों के अधिकारों का संरक्षण हो सके।अदालत ने इन दलीलों पर विचार करते हुए स्वीकार किया कि वर्ष 2016 के बाद जेटेट परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है।
हालांकि, खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि यह भर्ती प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और निगरानी में संचालित हो रही है, इसलिए हाई कोर्ट द्वारा इसमें हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले हाई कोर्ट की एकलपीठ द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाई गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर दिया गया था और उस आदेश को चुनौती भी नहीं दी गई है।
इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को इस चरण में अंतरिम राहत देना संभव नहीं है। हालांकि, याचिका को स्वीकार करते हुए खंडपीठ ने सभी प्रतिवादियों को छह सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सहायक शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के भविष्य के आदेशों के अधीन रहेगी।









