झारखंड: गर्लफ्रेंड ने अपने….ब्वायफ्रेंड ने अपने घर पर कर ली आत्महत्या, प्रेम प्रसंग में परिवार बना रोड़ा, तो छात्र-छात्रा ने दी जान

Jharkhand: Girlfriend commits suicide at her home...boyfriend commits suicide at his home, family becomes hurdle in love affair, so student-girl commits suicide

प्रेम संबंध को लेकर पारिवारिक दबाव और मानसिक तनाव के चलते एक नाबालिग लड़के और नाबालिग लड़की ने अलग-अलग स्थानों पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
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Jharkhand Crime News : कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर हुई आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। प्रेम संबंध की वजह से छात्र और एक छात्रा ने अपने-अपने घरों में फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर ली। यह दर्दनाक घटना न सिर्फ दोनों परिवारों के लिए, बल्कि पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों के लिए गहरे सदमे का कारण बन गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेतरियाडीह गांव का रहने वाला 16 वर्षीय लड़का कक्षा 11वीं का छात्र था, जबकि बेहराडीह गांव की रहने वाली नाबालिग लड़की कक्षा 10वीं में पढ़ती थी। दोनों के बीच पिछले करीब एक वर्ष से प्रेम संबंध चल रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों एक-दूसरे के साथ भविष्य बिताने के सपने देख रहे थे और अक्सर संपर्क में रहते थे।

हालांकि, कुछ दिनों पहले ही दोनों के परिवारों को इस प्रेम संबंध की जानकारी मिल गई थी। रविवार को परिजनों ने दोनों को बुलाकर सख्त शब्दों में इस रिश्ते को खत्म करने की हिदायत दी और पढ़ाई तथा भविष्य पर ध्यान देने को कहा। बताया जा रहा है कि परिजनों की डांट-फटकार और सामाजिक दबाव के कारण दोनों किशोर गहरे मानसिक तनाव में आ गए।

ग्रामीणों का कहना है कि दोनों बच्चे भावनात्मक रूप से बेहद संवेदनशील थे। परिवार की नाराजगी, भविष्य को लेकर अनिश्चितता और अपने रिश्ते के टूटने की आशंका ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया। इसी मानसिक दबाव और निराशा के बीच दोनों ने अलग-अलग स्थानों पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किशोरों को ऐसे हालात में समझाने, सहारा देने और संवाद स्थापित करने की कितनी जरूरत होती है।

घटना की सूचना मिलते ही डोमचांच थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग और मानसिक तनाव से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मृतकों के परिजनों के बयानों में कुछ विरोधाभास भी सामने आए हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

इस दुखद घटना के बाद दोनों गांवों में मातम पसरा हुआ है। परिजन बदहवास हैं और पूरे इलाके में शोक का माहौल है। लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि यदि समय रहते बच्चों से बातचीत की जाती, उन्हें समझाया जाता और भावनात्मक सहारा दिया जाता, तो शायद इतना बड़ा कदम उठाने से रोका जा सकता था।

यह घटना एक बार फिर किशोर मानसिक स्वास्थ्य, परिवार और बच्चों के बीच संवाद की कमी तथा सामाजिक दबाव जैसे गंभीर मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरावस्था में भावनाएं बेहद संवेदनशील होती हैं और इस उम्र में सही मार्गदर्शन, धैर्य और समझदारी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।

महत्वपूर्ण सूचना:
यदि आप या आपका कोई परिचित भावनात्मक संकट, तनाव या निराशा से गुजर रहा है, तो कृपया तुरंत मदद लें। किसी भरोसेमंद व्यक्ति, परिवार के सदस्य, शिक्षक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करें। आप अकेले नहीं हैं — आपकी जिंदगी बहुत कीमती है। जरूरत पड़ने पर स्थानीय हेल्पलाइन या आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें।

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