झारखंड: “भाजपा को पता ही नहीं है, हिंदुस्तान कहां हैं” इरफान अंसारी के बयान पर सीपी सिंह का पलवार, ये कौन है इरफान….रिनपास में इनका कराना चाहिये इलाज….
Jharkhand: "BJP doesn't know where India is" CP Singh's counter to Irfan Ansari's statement, who is this Irfan...he should be treated at Rinpas...

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में राष्ट्रगीत और एसआईआर का मुद्दा गरमाया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा नेता सीपी सिंह ने पलटवार करते हुए एसआईआर को संवैधानिक प्रक्रिया बताया। मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज।
रांची। झारखंड विधानसभा में इस बार राष्ट्रगीत और मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा गरमाया हुआ है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है। राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाने से जुड़े नियमों को लेकर विवाद खड़ा हुआ, जिस पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
मीडिया से बातचीत में डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के मुद्दों को अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर भाजपा चाहती क्या है। मंत्री ने कहा कि उन्हें राष्ट्रगीत से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन किसी राजनीतिक दल के निर्देश पर चलना स्वीकार्य नहीं होगा।
उन्होंने देश की विविधता का हवाला देते हुए कहा कि भारत में अनेक भाषाएं और बोलियां बोली जाती हैं, ऐसे में किसी भी विषय पर संवेदनशीलता बनाए रखना आवश्यक है।डॉ. अंसारी ने इसी दौरान अप्रैल से प्रस्तावित एसआईआर (Special Intensive Revision) को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।
मंत्री का आरोप था कि अन्य राज्यों में एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। उन्होंने आशंका जताई कि झारखंड में भी ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सरकार सजग रहेगी।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के लाखों लोग रोजगार और मजदूरी के लिए बाहर रहते हैं।
यदि उनसे दस्तावेजों की मांग की जाएगी, तो उनके सामने व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से न कटे, यह सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री सीपी सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि एसआईआर भारत के निर्वाचन आयोग का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड में यह प्रक्रिया नियमानुसार लागू होगी।
सीपी सिंह ने विपक्षी नेताओं द्वारा पहले किए गए विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर प्रश्नचिह्न लगाने जैसे हैं। सीपी सिंह ने कहा कि उन्हें लगता है डॉ इरफान अंसारी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है और उन्हें रिनपास में भर्ती कराने की जरूरत है।
डॉ इरफान अंसारी की बातों से लगता है कि वह “अंधा बांटे रेवड़ी” वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं, इसलिए उनसे जुड़ा सवाल कृपया कर नहीं पूछे। उन्होंने मंत्री के बयान को गैर-जरूरी बताते हुए टिप्पणी की कि इस तरह की बयानबाजी से भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद विधानसभा सत्र का माहौल राजनीतिक रूप से और अधिक गरमा गया है। राष्ट्रगीत जैसे संवेदनशील विषय और मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसी प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर जारी बहस ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।









