बाबूलाल मरांडी पर FIR ; वोटिंग के पहले नेता प्रतिपक्ष पर दर्ज हुई प्राथमिकी, 100 भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी दर्ज हुआ मामला, जानिये क्या है प्रकरण…
FIR against Babulal Marandi; FIR filed against Leader of Opposition before voting, case also filed against 100 BJP workers, find out what the case is...

गिरिडीह। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित लगभग 100 भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ आदर्श आचार संहिता का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई निकाय चुनावों के मद्देनज़र की गई है। पुलिस के अनुसार, उड़नदस्ता टीम ने ये मामला दर्ज किया। आरोप है कि चुनाव प्रचार समाप्त होने का निर्धारित समय शाम पांच बजे के बाद मरांडी नगर थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे। गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव ने बताया कि नगर थाने में आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
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थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत मिलने के बाद बाबूलाल मरांडी और करीब 100 अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। जानकारी के मुताबिक शहर के बस स्टैंड रोड में संचालित एक होटल में बुद्धिजीवियों की बैठक आयोजित की गई थी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी की उपस्थिति थी।
बैठक की सूचना मिलने के बाद सदर एसडीएम श्रीकांत यशवंत विश्पुते पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बैठक को तत्काल प्रभाव से रोकते हुए इसे चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन बताया।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचते ही होटल परिसर में कुछ समय के लिए असमंजस की स्थिति बन गई।
हालांकि, एसडीएम के निर्देश के बाद बैठक को तत्काल समाप्त कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि चुनावी अवधि के दौरान बिना अनुमति इस प्रकार की राजनीतिक प्रकृति की बैठकें आचार संहिता के दायरे में आती हैं, जिसके चलते कार्रवाई की गई।इधर, कार्यक्रम समाप्त होने के बाद होटल से बाहर निकलते समय बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से बातचीत में अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि संबंधित होटल उनके एक कार्यकर्ता का है और उन्हें केवल भोजन के लिए आमंत्रित किया गया था।
मरांडी ने कहा कि किसी भी दल का नेता यदि होटल में भोजन के लिए रुकता है, तो स्वाभाविक रूप से कार्यकर्ता और शुभचिंतक वहां एकत्र हो जाते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बैठक को राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।मामले को लेकर प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आचार संहिता के प्रावधानों के तहत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों, वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद यह मामला अब विधिक जांच के दायरे में आ गया है।









