शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला: शिक्षा विभाग में ट्रांसफर, शिक्षकों की छुट्टी को लेकर शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान, मदरसा-संस्कृत शिक्षकों व सफाई को लेकर भी अहम घोषणा

Major decision for teachers: Transfers within the Education Department, the Education Minister's major announcement regarding teacher leave, and important announcements regarding Madrasa and Sanskrit teachers and sanitation.

शिक्षकों के मुद्दे पर सदन में कई बड़ी घोषणाएं शिक्षा मंत्री ने की। शिक्षकों के तबादले, आकस्मिक अवकाश की गणना में सुधार, मदरसा-संस्कृत शिक्षकों के बकाया भुगतान, सफाई व्यवस्था और पोषण वाटिका योजना को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई है। शिक्षा मंत्री ने मार्च तक बकाया राशि भुगतान का आश्वासन दिया गया।

पटना। शिक्षकों के मुद्दे पर राज्य सरकार बड़ी पहल करने जा रही है। सदन में शिक्षा मंत्री ने इस बात की जानकारी दी है। शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न सवालों का जवाब देते हुए कई अहम बिंदुओं पर सरकार की स्थिति स्पष्ट की। सदन में शिक्षकों के तबादले से लेकर अवकाश नियमों में सुधार और बकाया भुगतान जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

तबादला नीति में होगा चरणबद्ध सुधार
प्रो. नवल किशोर यादव के अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक लगभग ढाई लाख शिक्षकों का तबादला किया जा चुका है। इस व्यापक प्रक्रिया में 75 से 80 प्रतिशत तक संतुष्टि स्तर दर्ज किया गया है।

मंत्री ने कहा कि अब जिलों के अंदर शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी छात्र-शिक्षक अनुपात और रिक्त पदों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगी। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षकों की तैनाती संतुलित और आवश्यकता आधारित हो।

आकस्मिक अवकाश नियमों में संशोधन की तैयारी
तारांकित प्रश्न के दौरान सरकारी स्कूलों में आकस्मिक अवकाश की गणना में हो रही विसंगतियों का मुद्दा उठा। वर्तमान में आकस्मिक अवकाश के बीच पड़ने वाले रविवार या अन्य अवकाश की भी गणना की जा रही है, जिससे शिक्षकों को असुविधा हो रही है।

शिक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि इसमें संशोधन की आवश्यकता है। विभाग को निर्देश दिया गया है कि नियमों में सुधार कर इस विसंगति को दूर किया जाए। साथ ही आवासीय विद्यालयों में अवकाश स्वीकृति का अधिकार प्रधानाचार्य को देने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।

मदरसा और संस्कृत शिक्षकों को मार्च तक बकाया भुगतान का आश्वासन
संजय कुमार सिंह ने मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के कर्मियों को पंचम एवं षष्ठम वेतन पुनरीक्षण की अंतर राशि भुगतान न होने का मुद्दा उठाया। बताया गया कि मदरसा स्कूलों के लिए 571 करोड़ रुपये और संस्कृत विद्यालयों के लिए 411 करोड़ रुपये का उपबंध उपलब्ध है, फिर भी भुगतान लंबित है।इस पर मंत्री ने कहा कि वित्त विभाग से राशि विमुक्त करने का अनुरोध किया गया है। जिलों को आवंटित राशि का भुगतान भी जल्द किया जाएगा और मार्च तक बकाया राशि जारी करने का प्रयास किया जाएगा।

स्कूलों की सफाई व्यवस्था पर कड़ी निगरानी
जीवन कुमार ने सरकारी विद्यालयों में सफाई एजेंसियों की मनमानी का मुद्दा सदन में उठाया। मंत्री ने कहा कि शिकायत मिलने पर कई जिलों में एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।सभापति ने सुझाव दिया कि एजेंसियों का चयन विभागीय स्तर से सीधे किया जाए ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़े। मंत्री ने इस सुझाव का स्वागत करते हुए इस दिशा में विचार करने का आश्वासन दिया।

पोषण वाटिका’ से बच्चों को मिलेगी ताजी सब्जियां
महेश्वर सिंह ने मिड डे मील में ताजी सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए स्कूल परिसरों में ‘पोषण वाटिका’ विकसित करने का प्रस्ताव रखा।

इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह नई पहल है और जिलाधिकारी से समन्वय कर कमेटी बनाई जाएगी।उन्होंने कहा कि इस योजना से बच्चों को पौष्टिक भोजन तो मिलेगा ही, साथ ही उनका प्रकृति से जुड़ाव भी बढ़ेगा। सरकार इसे जमीन पर उतारने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

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