झारखंड में अजब-गजब जीत: बेटा बना मेयर, तो मां ने जीता पार्षद का चुनाव, उधर पति-पत्नी की जोड़ी ने भी बजाया जीत का डंका
Jharkhand witnesses a bizarre victory: Son becomes mayor, mother wins councillor election, husband-wife duo also wins

Deoghar Nagar Nigam Result : देवघर नगर निगम चुनाव में हैरतअंगेज परिणाम आया है। मां-बेटे से एक साथ चुनाव में जीत दर्ज की है। युवा नेता रवि राउत ने मेयर पद पर शानदार जीत दर्ज की। जबकि उनकी मां प्रतिमा देवी भी वार्ड नंबर 28 से पार्षद चुनी गईं। वहीं वार्ड 16 और 17 में पति-पत्नी की जोड़ी ने जीत हासिल कर राजनीतिक चर्चा को और रोचक बना दिया।
Deoghar Nagar Nigam Result : देवघर में जो हुआ, चुनाव में शायद ही कभी होता है। निगम चुनाव में जहां मां-बेटी की जोड़ी चुनाव जीती, तो वहीं पति-पत्नी की जोड़ी ने भी विरोधियों को चित कर दिया। देवघर नगर निगम चुनाव के नतीजों ने इस बार कई भावनात्मक और दिलचस्प राजनीतिक संदेश दिए हैं।
बेटा बना मेयर, मां बनी वार्ड पार्षद
बेहद सामान्य परिवार से आने वाले युवा नेता रवि राउत ने मेयर पद पर जीत हासिल कर न सिर्फ अपने समर्थकों को उत्साहित किया, बल्कि शहर की राजनीति में एक नई पहचान भी बनाई। इस जीत की खास बात यह रही कि उनकी मां प्रतिमा देवी ने भी वार्ड नंबर 28 से पार्षद पद पर विजय प्राप्त की।
मेयर पद पर जीत के बाद रवि राउत का भावुक रूप देखने को मिला। परिणाम घोषित होते ही उन्होंने अपनी मां प्रतिमा देवी के चरण स्पर्श किए। मां ने भी अपने विजयी बेटे को गले लगाकर आशीर्वाद दिया। यह दृश्य वहां मौजूद समर्थकों के लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक था।
मेयर बनने के बाद मां का लिया आशीर्वाद
रवि राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी यह है कि मेरी मां भी पार्षद बन गई हैं। वार्ड 28 की जनता ने हम पर जो भरोसा जताया है, उसका कर्ज मैं कभी नहीं उतार पाऊंगा।” उन्होंने आगे कहा कि मेयर पद पर उनकी जीत केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे नगर निगम क्षेत्र की जनता की जीत है। उन्होंने शहर के विकास को प्राथमिकता देने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का भरोसा दिलाया।
पति-पत्नी की जोड़ी ने लहराया जीत का परचम
चुनाव परिणामों में एक और रोचक पहलू सामने आया। वार्ड नंबर 16 में सलाउद्दीन असलम उर्फ संजू ने जीत दर्ज की, जबकि वार्ड नंबर 17 से उनकी पत्नी फातमा (नन्हीं) पहली बार पार्षद चुनी गईं। इस तरह पति-पत्नी दोनों ने एक साथ जीत हासिल कर स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गए हैं। सलाउद्दीन इससे पहले 2008 और 2013 में भी पार्षद रह चुके हैं, जिससे उनकी राजनीतिक पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है।
समर्थकों ने दोनों की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए जुलूस निकालने की घोषणा की है। बताया गया है कि शनिवार को पति-पत्नी की संयुक्त विजय यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थकों के शामिल होने की संभावना है।देवघर नगर निगम चुनाव के नतीजे यह दर्शाते हैं कि यहां मतदाताओं ने स्थानीय नेतृत्व, सादगीपूर्ण छवि और जमीनी जुड़ाव को प्राथमिकता दी है। रवि राउत की जीत को युवा नेतृत्व के उदय के रूप में भी देखा जा रहा है। सामान्य परिवार से निकलकर मेयर पद तक पहुंचने की उनकी कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है।









