30 गेंदों में शतक के बाद अचानक मैदान पर बैठ गए अभिषेक शर्मा, आंखें बंद कर करने लगे ध्यान… खुद बताया ‘शिवा सेलिब्रेशन’ का राज

नई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि हर तरफ उनकी चर्चा होने लगी। भारतीय ओपनर ने महज 30 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया और 34 गेंदों पर 108 रनों की विस्फोटक पारी खेली।
लेकिन शतक पूरा करने के बाद अभिषेक का जश्न और भी ज्यादा चर्चा में आ गया। उन्होंने मैदान पर बैठकर ध्यान की मुद्रा बनाई और ‘ओम नम: शिवाय’ का जाप करते नजर आए। उनके इस खास अंदाज को फैंस ने ‘शिवा सेलिब्रेशन’ नाम दे दिया। मैच के बाद अभिषेक ने खुद बताया कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया।
शतक के बाद क्यों बैठ गए ध्यान की मुद्रा में?
अभिषेक ने बताया कि वह पिछले करीब 6 महीने से एक साल से मेडिटेशन और ध्यान कर रहे हैं। उनके मुताबिक, पूरे साल क्रिकेट खेलने के दौरान एक खिलाड़ी को कई तरह के उतार-चढ़ाव से गुजरना पड़ता है।
ऐसे में अपने मन को स्थिर रखना उनके लिए महत्वपूर्ण रहा है। अभिषेक ने कहा कि ध्यान ने उन्हें काफी मदद दी है और इसी वजह से उन्होंने मैदान पर अपने इस अभ्यास को सेलिब्रेशन के जरिए दिखाने का फैसला किया।
उनके मुताबिक, वह चाहते हैं कि अगर किसी क्रिकेटर को उनका यह सेलिब्रेशन देखकर ध्यान या मेडिटेशन से मदद लेने की प्रेरणा मिले, तो उनके लिए यह सबसे खास बात होगी।
30 गेंदों में शतक, तोड़ दिया फिन एलेन का रिकॉर्ड
अभिषेक शर्मा ने तीसरे टी20 मुकाबले में महज 30 गेंदों पर शतक पूरा किया। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इसके साथ ही वह टेस्ट खेलने वाले देशों के बीच टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
उन्होंने न्यूजीलैंड के फिन एलेन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा, जिन्होंने 33 गेंदों में टी20 इंटरनेशनल शतक लगाया था।
अभिषेक ने अपनी पारी में 34 गेंदों पर 108 रन बनाए और भारतीय पारी को बेहद तेज शुरुआत दिलाई।
पूरे सीरीज में भी बल्ले से मचाया धमाल
अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन सिर्फ तीसरे टी20 तक सीमित नहीं रहा। तीन मैचों की भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज में उन्होंने सबसे ज्यादा 229 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार हासिल किया।
सीरीज में अभिषेक ने एक शतक और एक अर्धशतक लगाया। उनका औसत 76.33 और स्ट्राइक रेट 269.41 रहा। इस दौरान उन्होंने 18 चौके और 22 छक्के लगाए।
तीसरे टी20 में 108 रनों की पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।
अभिषेक बोले- किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं रहना चाहता
सीरीज के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने जाने के बाद अभिषेक ने अपने बल्लेबाजी के तरीके के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि वह खुद को किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं रखना चाहते।
उनके मुताबिक, उनका फोकस गेंद को देखने और उसी के हिसाब से शॉट खेलने पर रहता है। वह जबरदस्ती शॉट लगाने के बजाय गेंद को देखकर आक्रमण करना पसंद करते हैं।
अभिषेक के लिए यही तरीका आगे भी जारी रखने की योजना है। मैदान पर बल्ले से आक्रामक अंदाज और मैदान के बाहर ध्यान के जरिए मन को स्थिर रखने की कोशिश, उनके खेल की एक अलग तस्वीर सामने ला रही है।









