Jharkhand SIR में बड़ा अपडेट, धनबाद मेयर संजीव सिंह समेत पत्नी और मां को नोटिस, अब दस्तावेजों पर मांगा जाएगा जवाब
झरिया अंचल कार्यालय ने SIR से जुड़े रिकॉर्ड में सामने आई विसंगतियों को लेकर तीनों को सुनवाई के लिए बुलाया, उम्र और पारिवारिक विवरण से जुड़े रिकॉर्ड की होगी जांच

धनबाद। झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बीच धनबाद के मेयर संजीव सिंह, झरिया विधायक रागिनी सिंह और पूर्व विधायक कुंती देवी को नोटिस जारी किया गया है। झरिया अंचल कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में SIR से जुड़े दस्तावेजों और मतदाता रिकॉर्ड में सामने आई कुछ विसंगतियों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। तीनों को संबंधित दस्तावेजों के साथ अंचल कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
उम्र से जुड़े रिकॉर्ड में अंतर पर मांगा गया स्पष्टीकरण
नोटिस में संजीव सिंह के माता-पिता की उम्र से संबंधित विवरण में अंतर का उल्लेख किया गया है। SIR के दौरान मतदाता सूची और उससे जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन में सामने आए इन बिंदुओं को लेकर अधिकारियों ने संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
इसी तरह रागिनी सिंह और कुंती देवी से जुड़े रिकॉर्ड में भी पारिवारिक विवरण और उम्र संबंधी जानकारी को लेकर कुछ बिंदु नोटिस में शामिल किए गए हैं। अधिकारियों की ओर से इन दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है ताकि रिकॉर्ड में दर्ज जानकारियों की स्थिति स्पष्ट हो सके।
रागिनी सिंह के मामले में बिहार से मैपिंग का भी जिक्र
झरिया विधायक रागिनी सिंह से संबंधित नोटिस में उनके माता-पिता की मैपिंग बिहार से किए जाने का भी उल्लेख है। SIR की प्रक्रिया के दौरान पुराने मतदाता रिकॉर्ड और वर्तमान विवरण के बीच संबंध की जांच की जा रही है। इसी क्रम में संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
पूर्व विधायक कुंती देवी के मामले में भी उनके माता-पिता की उम्र से जुड़े विवरण को नोटिस में शामिल किया गया है। अंचल कार्यालय की ओर से संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
धनबाद में 1.27 लाख दावों का सत्यापन जारी
धनबाद में SIR की प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में मतदाता रिकॉर्ड का सत्यापन चल रहा है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक जिले में दावा-आपत्ति प्रक्रिया के दौरान जमा करीब 1.27 लाख दावों का विभागवार सत्यापन शुरू किया गया है। अधिकारियों की ओर से सरकारी विभागों के रिकॉर्ड से इन जानकारियों का मिलान किया जा रहा है।
इससे पहले धनबाद में SIR प्रक्रिया से जुड़े कार्यों में लापरवाही के मामले में 23 वॉलंटियर्स को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। जिला प्रशासन ने उन्हें निर्धारित समय में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था।
नोटिस के बाद अब जवाब पर नजर
संजीव सिंह, रागिनी सिंह और कुंती देवी से जुड़े मामलों में अब नजर इस बात पर है कि नोटिस में उठाए गए बिंदुओं पर उनकी ओर से क्या दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्रस्तुत किए जाते हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारी रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी व्यक्ति को नोटिस जारी किया जाना अपने आप में किसी अनियमितता के साबित होने का प्रमाण नहीं है। अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों की जांच और सक्षम अधिकारियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
झारखंड में SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में दर्ज विवरणों का सत्यापन लगातार जारी है। चुनाव आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर भी SIR-2026 से संबंधित सेवाएं उपलब्ध हैं।









