बिंदल मॉल फायरिंग की साजिश का खुलासा, रायपुर से दबोचे गए 4 आरोपी; हमलावरों तक पहुंचने में जुटी पुलिस
सोनारी के उडुपी रेस्टोरेंट में दिनदहाड़े चली थीं करीब 11 गोलियां, चार लोग हुए थे घायल; पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार चारों पर साजिश रचने में भूमिका का आरोप

जमशेदपुर। सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने घटना की साजिश रचने के आरोप में चार लोगों को छत्तीसगढ़ के रायपुर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टीटू शर्मा, मनोज सरकार, शंकर मुंडा और दीपु ओझा के रूप में हुई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में चारों की भूमिका कथित तौर पर फायरिंग की साजिश तैयार करने में सामने आई है। हालांकि, पुलिस के मुताबिक रेस्टोरेंट में पहुंचकर सीधे गोली चलाने वाले हमलावरों में ये चारों शामिल नहीं थे। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर घटना के पीछे की पूरी कड़ी जोड़ने और सीधे फायरिंग करने वाले आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
दिनदहाड़े रेस्टोरेंट के बाहर हुई थी फायरिंग
बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में शनिवार को दिनदहाड़े फायरिंग की घटना हुई थी। पुलिस के अनुसार, वारदात के दौरान करीब 11 राउंड गोलियां चलाई गई थीं। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी और घटना में चार लोग घायल हुए थे।
घायलों को तत्काल इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल यानी टीएमएच में भर्ती कराया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम को लगाया गया।
CCTV और सुरागों से रायपुर तक पहुंची जांच
घटना के बाद एसपी सिटी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया गया था। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और दूसरे उपलब्ध सुरागों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिनके आधार पर टीम रायपुर तक पहुंची। इसके बाद कार्रवाई करते हुए चारों संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग की योजना कब और कैसे बनाई गई थी और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
जमीन विवाद और पुरानी रंजिश समेत कई एंगल की जांच
शुरुआती जांच में पुलिस जमीन विवाद, पुरानी रंजिश और आपराधिक कनेक्शन समेत कई संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही थी। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग के पीछे वास्तविक विवाद क्या था और गोली चलाने वालों को किसने निर्देश दिए थे।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सीधे फायरिंग करने वाले संदिग्धों और घटना की पूरी साजिश से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।









