Nana Patekar Death: नाना पाटेकर के निधन से राहुल-प्रियंका और खरगे दुखी, बोले- भारतीय सिनेमा में छोड़ी अमिट छाप
75 साल की उम्र में गोवा स्थित आवास पर ली अंतिम सांस, करीब 45 मिनट तक CPR देने के बावजूद नहीं बच सकी जान; राजनीतिक और फिल्म जगत में शोक

नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से भारतीय सिनेमा जगत में शोक की लहर है। 75 वर्षीय अभिनेता का 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा में निधन हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें उनके डोना पाउला स्थित आवास पर गंभीर हालत में पाया गया, जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत के साथ राजनीतिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने भी शोक व्यक्त किया। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अभिनेता के निधन को बेहद दुखद बताते हुए उनके अभिनय और यादगार किरदारों को याद किया।
राहुल गांधी बोले- भारतीय सिनेमा पर छोड़ी अमिट छाप
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने अभिनय और अलग-अलग किरदारों के माध्यम से भारतीय सिनेमा और दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी।
राहुल गांधी ने शोक संतप्त परिवार, मित्रों और उनके प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि दी।
खरगे ने नाना पाटेकर के बहुमुखी योगदान को किया याद
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने अभिनेता के शानदार अभिनय और भारतीय सिनेमा में उनके लंबे योगदान को याद किया।
खरगे ने कहा कि नाना पाटेकर के अभिनय के साथ किसानों और वंचित वर्गों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने अभिनेता के परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
प्रियंका गांधी ने कहा- आकस्मिक निधन बेहद दुखद
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताया। उन्होंने उन्हें भारतीय सिनेमा का लोकप्रिय अभिनेता बताते हुए कहा कि उनके आकस्मिक निधन की खबर बेहद दुखद है। प्रियंका गांधी ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
करीब पांच दशक का रहा शानदार फिल्मी सफर
नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक लंबे करियर में हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने गंभीर, एक्शन, नकारात्मक और कॉमेडी समेत अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और अपनी दमदार संवाद अदायगी तथा अभिनय शैली से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’, ‘राजनीति’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया। ‘परिंदा’ और ‘क्रांतिवीर’ के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिले। वर्ष 2013 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
अस्पताल में 45 मिनट तक दिया गया CPR
रिपोर्टों के अनुसार, नाना पाटेकर को गोवा के डोना पाउला स्थित उनके आवास पर बेहोशी की हालत में पाए जाने के बाद अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक लगातार CPR दिया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मामले में मेडिकल-लीगल प्रक्रिया भी शुरू की गई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की गई।
नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे अभिनेता को खो दिया है, जिन्होंने अपनी विशिष्ट अभिनय शैली और यादगार किरदारों के जरिए कई पीढ़ियों के दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई।








