मां ने 6 साल की मासूम को हुसैन सागर झील में फेंका, मौत सामने देख ऑटो ड्राइवर ने लगाई छलांग; देवदूत बनकर बचाई बच्ची की जान
हैदराबाद में दिल दहला देने वाली घटना, बड़ी आंत के संक्रमण से जूझ रही रुखसाना को ऑटो चालक ने झील से सुरक्षित निकाला; गांधी अस्पताल में इलाज जारी, पुलिस ने शुरू की जांच।

हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यहां छह साल की एक बच्ची को कथित तौर पर उसकी मां ने हुसैन सागर झील में फेंक दिया। इसी दौरान वहां मौजूद एक ऑटो ड्राइवर ने बच्ची को पानी में गिरते देखा और बिना देर किए उसे बचाने के लिए झील में छलांग लगा दी। चालक की तत्परता से बच्ची की जान बच गई। उसे इलाज के लिए गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
बच्ची की पहचान रुखसाना के रूप में हुई है, जबकि उसकी मां का नाम शबाना बताया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बच्ची पिछले कुछ दिनों से बड़ी आंत के संक्रमण से पीड़ित थी। कई अस्पतालों में उपचार कराने के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। बताया जा रहा है कि परिवार आर्थिक परेशानियों से भी जूझ रहा था और इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
बच्ची को झील में गिरते देख ऑटो चालक ने लगाई छलांग
यह घटना गुरुवार दोपहर करीब दो बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, हुसैन सागर झील के पास मौजूद ऑटो चालक ने बच्ची को पानी में गिरते देखा। स्थिति की गंभीरता समझते ही वह बच्ची को बचाने के लिए झील में कूद पड़ा। उसने बच्ची को पानी से बाहर निकाला और उसकी जान बचाने में कामयाब रहा।
घटना के बाद बच्ची को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए गांधी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उसका उपचार किया जा रहा है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई गई है। ऑटो चालक की समय पर की गई कार्रवाई ने एक मासूम की जिंदगी बचा ली।
बीमारी और इलाज के खर्च से जूझ रहा था परिवार
डोमलगुडा पुलिस इंस्पेक्टर अंजन अली के मुताबिक, महिला की पहचान शबाना के रूप में हुई है। वह ओल्ड बोवेनपल्ली के हसमतपेट इलाके की रहने वाली बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, उसके पति ने उसे छोड़ दिया था और वह अपनी दो बेटियों का पालन-पोषण करने के लिए घरों में काम करती थी।
पुलिस के अनुसार, रुखसाना को पिछले कुछ दिनों से बड़ी आंत का संक्रमण था। उसे कई अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि इलाज का खर्च उठाने में परिवार को परेशानी हो रही थी। हालांकि, आर्थिक तंगी और बच्ची की बीमारी को घटना की वजह मानने से पहले पुलिस की जांच और अन्य तथ्यों का सामने आना जरूरी है।
पुलिस जांच में जुटी, बच्ची की मेडिकल स्थिति पर नजर
यह मामला डोमलगुडा पुलिस थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने घटना से जुड़े हालात की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह स्पष्ट किया जाना है कि घटनाक्रम किस तरह हुआ और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं। महिला के खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी, इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
फिलहाल सबसे राहत की बात यह है कि समय रहते बच्ची को झील से बाहर निकाल लिया गया और उसे अस्पताल में उपचार मिल रहा है। घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और गंभीर आर्थिक व पारिवारिक संकट से जूझ रहे परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत की ओर ध्यान खींचा है।









