झारखंड में सड़क निर्माण में गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन! पतना-हिरणपुर रोड की जांच में 3 इंजीनियर निलंबित, रिटायर अधिकारी पर भी कार्रवाई की तैयारी
साहेबगंज में 17.50 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता की जांच रिपोर्ट के बाद पथ निर्माण विभाग की कार्रवाई। कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता निलंबित, सेवानिवृत्त इंजीनियर के खिलाफ पेंशन नियमावली के तहत कार्यवाही होगी।

रांची। झारखंड के साहेबगंज जिले में सड़क निर्माण के दौरान कथित अनियमितताओं के मामले में पथ निर्माण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पतना-हिरणपुर सड़क निर्माण में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच के बाद विभाग ने तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। वहीं, जांच में दोषी पाए गए एक अन्य कनीय अभियंता के सेवानिवृत्त हो जाने के कारण उनके खिलाफ पेंशन नियमावली के तहत कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है।
यह मामला पतना-हिरणपुर पथ के निर्माण से जुड़ा है, जिसकी लंबाई 17.50 किलोमीटर बताई गई है। जांच समिति ने सड़क निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं किए जाने की बात अपनी रिपोर्ट में दर्ज की और संबंधित इंजीनियरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की थी।
जांच रिपोर्ट के बाद विभाग ने उठाया कदम
पतना-हिरणपुर सड़क निर्माण में अनियमितता की शिकायतें मिलने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए दुमका के अधीक्षण अभियंता की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी। समिति ने सड़क निर्माण कार्य की जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी।
रिपोर्ट में 17.50 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने का उल्लेख किया गया। साथ ही, जांच में जिम्मेदार पाए गए इंजीनियरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की सिफारिश की गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर पथ निर्माण विभाग ने तीन इंजीनियरों को निलंबित करने का फैसला लिया।
इन तीन इंजीनियरों पर हुई कार्रवाई
विभागीय कार्रवाई के तहत निलंबित किए गए इंजीनियरों में साहेबगंज के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार, राजमहल के सहायक अभियंता रामजीवन पासवान और राजमहल के कनीय अभियंता शत्रुघन प्रसाद राय शामिल हैं।
जांच समिति की रिपोर्ट में इन अधिकारियों को जिम्मेदार पाए जाने के बाद विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है। हालांकि, मामले में आगे की विभागीय प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
रिटायर इंजीनियर के खिलाफ पेंशन नियमावली के तहत कार्रवाई
इस मामले में जांच के दौरान दोषी पाए गए कनीय अभियंता राम दयाल मंडल सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके रिटायर होने के कारण सामान्य विभागीय कार्रवाई के बजाय पेंशन नियमावली के तहत कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया है।
इस कदम से स्पष्ट है कि संबंधित विभाग सड़क निर्माण में हुई कथित अनियमितताओं के मामले में सेवानिवृत्त अधिकारी के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जवाबदेही पर सवाल
पतना-हिरणपुर सड़क निर्माण से जुड़ी जांच और कार्रवाई ने सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल जांच रिपोर्ट के आधार पर तीन इंजीनियर निलंबित किए गए हैं, जबकि सेवानिवृत्त इंजीनियर के खिलाफ पेंशन नियमावली के तहत कार्रवाई प्रस्तावित है।
मामले में आगे की विभागीय कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि अनियमितताओं के लिए जिम्मेदारी किस स्तर तक तय की जाती है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अंतिम निर्णय क्या होता है।









