मौत से पहले Facebook Live में छलका था दर्द, अब पिता ने खोला मोर्चा! निशा भगत की मौत पर झारखंड में बवाल, दो नामों पर गंभीर आरोप और CBI जांच की उठी मांग
आदिवासी नेत्री निशा भगत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला गरमाया। पिता हंदू भगत ने अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा समेत अन्य लोगों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। नगड़ी चेकपोस्ट पर युवाओं ने सड़क जाम कर निष्पक्ष जांच की मांग की।

रांची। झारखंड की आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। एक तरफ बेटी को खोने के बाद पिता ने इसे सुनियोजित षड्यंत्र के तहत की गई हत्या बताते हुए पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराई है, तो दूसरी तरफ इस घटना को लेकर युवाओं का गुस्सा भी सड़कों पर दिखाई देने लगा है। निशा की मौत के बाद उनके पिता हंदू भगत ने पिठोरिया थाना में लिखित आवेदन देकर अजय तिर्की, ज्योत्सना केरकेट्टा समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, आक्रोशित युवाओं ने नगड़ी चेकपोस्ट के पास सड़क जाम कर दिया और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग उठाई है। इस घटना ने अब झारखंड के राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है।
बेटी की मौत को साजिश बता रहे पिता, प्रताड़ना के लगाए गंभीर आरोप
निशा भगत के पिता हंदू भगत ने अपनी शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी को लंबे समय से मानसिक और सामाजिक रूप से परेशान किया जा रहा था। सोशल मीडिया के जरिए उसका चरित्र हनन किया जाता था और उस पर तरह-तरह के आरोप लगाकर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही थी।
पिता का आरोप है कि लगातार हो रही कथित बदनामी और सामाजिक प्रताड़ना के कारण निशा मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि घर से बाहर आने-जाने के दौरान भी उसे परेशान किया जाता था। पिता ने इन परिस्थितियों को अपनी बेटी की मौत से जोड़ते हुए पूरे मामले को गंभीर साजिश बताया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा के नाम लेकर कार्रवाई की मांग
हंदू भगत ने अपने लिखित आवेदन में अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा का नाम लेते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। इसके अलावा जमीन के कारोबार से जुड़े कुछ लोगों और अन्य व्यक्तियों पर भी निशा को परेशान करने का आरोप लगाया गया है।
पिता चाहते हैं कि पुलिस इस मामले को सामान्य घटना मानकर न देखे, बल्कि निशा की मौत से पहले की पूरी परिस्थितियों की बारीकी से जांच करे। उन्होंने निशा के फेसबुक लाइव वीडियो और उसमें दिए गए बयानों को जांच का अहम आधार बनाने की मांग की है। वीडियो में जिन लोगों का उल्लेख किया गया है, उनकी भूमिका की भी पड़ताल करने की बात कही गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर अब पुलिस जांच में किन तथ्यों का खुलासा होता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
मौत से पहले Facebook Live में रोते हुए बताई थी अपनी परेशानी
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा निशा भगत के उस फेसबुक लाइव वीडियो की हो रही है, जो उनकी मौत से पहले सामने आया था। जानकारी के मुताबिक, 6 नवंबर को निशा का शव पिठोरिया थाना क्षेत्र स्थित उनके किराये के मकान में मिला था। इससे पहले वह फेसबुक लाइव पर आई थीं। इस दौरान वह रोते हुए अपनी परेशानी और पीड़ा बयां कर रही थीं।
लाइव वीडियो में उन्होंने जमीन के कारोबार से जुड़े कुछ लोगों, कथित प्रताड़ना और पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने कुछ लोगों के नाम लेकर अपनी परेशानी भी जाहिर की थी। वीडियो सामने आने के बाद उनकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे। अब उनके पिता भी इसी वीडियो में कही गई बातों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
नगड़ी चेकपोस्ट पर सड़क जाम, युवाओं ने उठाई CBI जांच की मांग
निशा भगत की मौत की खबर के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी नाराजगी के बीच युवाओं ने नगड़ी चेकपोस्ट के पास सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की जांच किसी प्रभावशाली दबाव से मुक्त होकर होनी चाहिए और इसके लिए सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि निशा की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए। फेसबुक लाइव में लगाए गए आरोपों से लेकर उनके साथ कथित तौर पर हुई प्रताड़ना तक, हर बिंदु पर सच्चाई सामने आनी चाहिए। लोगों ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी उठाई है।
निशा की मौत पर गरमाई झारखंड की राजनीति, विपक्ष ने भी उठाए सवाल
निशा भगत की मौत का मामला अब राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है। भाजपा समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने घटना को गंभीर बताते हुए सरकार और पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीबीआई जांच कराने की आवाज बुलंद की है।
इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के बीच अब सरकार और पुलिस प्रशासन के सामने भी मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की चुनौती है। खासकर फेसबुक लाइव में लगाए गए आरोपों और पिता की शिकायत के बाद जांच की दिशा काफी अहम हो गई है।
2024 में गुमला से विधानसभा चुनाव लड़ चुकी थीं निशा भगत
निशा भगत की राजनीतिक पहचान भी रही है। उन्होंने वर्ष 2024 में जेएलकेएम के टिकट पर गुमला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि, बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। वह सरना-सनातन की पैरोकार के रूप में जानी जाती थीं और धर्म परिवर्तन करने वाले आदिवासी समाज के लोगों के मुद्दे पर मुखर रहती थीं।
फिलहाल उनकी मौत को लेकर पिता के आरोप, फेसबुक लाइव वीडियो और सड़क पर हो रहे विरोध प्रदर्शन ने मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि निशा भगत की मौत के पीछे की असली वजह क्या थी? क्या पिता की शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में साबित होंगे? क्या इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाएगी? इन सवालों के जवाब निष्पक्ष जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही सामने आ सकेंगे।









