सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूता की दर्दनाक मौत! हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में मचा बवाल, मोबाइल में व्यस्त रहने का आरोप

बच्चे को जन्म देने के कुछ घंटे बाद बिगड़ी महिला की हालत, परिजनों का दावा- बार-बार बुलाने पर भी नहीं पहुंचे स्वास्थ्यकर्मी; गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन।

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत से भारी हंगामा मच गया। अस्पताल में भर्ती प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध जताने के साथ जिला मोड़ के समीप सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि समय पर इलाज और उचित देखभाल मिल जाती तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।

मृतका की पहचान संगीता कुमारी, पति रंजन कुमार दास, निवासी निमाडीह, हेड़ेगाढ़ा, चरही के रूप में हुई है। उसका मायका हजारीबाग के लाखे में बताया गया है। महिला की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, घटना को लेकर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

6 नवंबर को सिजेरियन ऑपरेशन से हुआ था प्रसव

परिजनों के मुताबिक, संगीता कुमारी 5 नवंबर को प्रसव के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची थी। चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर लिया था। अगले दिन यानी 6 नवंबर को दोपहर में उसका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद उसने एक बच्चे को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद महिला को अस्पताल में ही निगरानी के लिए रखा गया था। परिवार को उम्मीद थी कि प्रसव के बाद मां और बच्चा सुरक्षित रहेंगे, लेकिन देर रात अचानक स्थिति बिगड़ गई।

इंजेक्शन और दवाइयों के बाद बिगड़ी हालत

स्वजनों का आरोप है कि देर रात संगीता की तबीयत अचानक खराब होने लगी। इस दौरान उसे इंजेक्शन और कुछ दवाइयां दी गईं, लेकिन इसके बाद उसकी हालत और गंभीर हो गई। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार ड्यूटी पर मौजूद नर्सों को महिला की बिगड़ती स्थिति की जानकारी दी और तत्काल चिकित्सकीय मदद मांगी, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।

मोबाइल में व्यस्त थे स्वास्थ्यकर्मी, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप

महिला की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी मोबाइल फोन में व्यस्त थे और बार-बार बुलाने के बावजूद मरीज को देखने नहीं पहुंचे। परिवार का दावा है कि यदि समय रहते चिकित्सकीय सहायता मिल जाती तो संगीता की जान बच सकती थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होना अभी बाकी है।

सड़क जाम कर किया प्रदर्शन, अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल

संगीता की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और जिला मोड़ के पास सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था और प्रसूता की देखभाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता क्यों नहीं मिली? फिलहाल अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष और मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि सामने आना बाकी है।

 

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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