झारखंड: भ्रष्टाचार के मामले में क्लर्क को ACB ने किया गिरफ्तार, आय से अधिक संपत्ति मामले में हुई कार्रवाई….

Jharkhand: ACB arrests clerk in corruption case, action taken in disproportionate assets case....

हजारीबाग एसीबी ने भ्रष्टाचार मामले में रामगढ़ के पूर्व कनीय लेखा लिपिक अरुण कुमार को रांची से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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हजारीबाग : भ्रष्टाचार मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) हजारीबाग की टीम ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आय से अधिक संपत्ति मामले में आरोपी पूर्व कनीय लेखा लिपिक को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई लंबे समय से लंबित एक मामले में की गई है, जिससे एक बार फिर राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का संदेश गया है।

आरोपी अरुण कुमार, जो रामगढ़ जिला ग्रामीण विकास विभाग में कनीय लेखा लिपिक के पद पर कार्यरत था, उसके खिलाफ वर्ष 2017 में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। इस मामले में एसीबी थाना में कांड संख्या 29/17, दिनांक 10 अगस्त 2017 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान एसीबी को आरोपी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के ठोस साक्ष्य मिले थे।

जांच में यह सामने आया कि अरुण कुमार ने अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की थी, जो उसकी वैध कमाई से मेल नहीं खाती थी। एसीबी ने इस मामले में गहन जांच करते हुए आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य जुटाए, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र पहले ही अदालत में दाखिल किया जा चुका था।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी की अनुपस्थिति और मामले की गंभीरता को देखते हुए उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इसके बाद एसीबी की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। मंगलवार को एसीबी को सूचना मिली कि अरुण कुमार रांची के दीपाटोली स्थित अपने आवास पर मौजूद है। इस सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि अरुण कुमार मूल रूप से बिहार के सारण जिले का निवासी है, लेकिन नौकरी के सिलसिले में वह झारखंड में रह रहा था।

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