ACB की टीम की पिटाई : घूसखोर कर्मचारी को रंगे हाथों पकड़ा, तो साथी कर्मचारियों ने एसीबी टीम को लात-घूंसों से धुना, 8000 रुपये लेते पकड़ाये….
ACB team beaten up: When a bribe-taking employee was caught red-handed, fellow employees kicked and punched the ACB team and caught them accepting Rs 8,000.

ACB Raid : घूसखोर कर्मचारी को पकड़ने गयी ACB की टीम की धुनाई हो गयी। घूसखोर कर्मचारी को रंगे हाथों पकड़कर जब टीम बाहर निकल रही थी, उसी दौरान साथी कर्मचारियों ने एसीबी की टीम पर हमला कर दिया और लात घूंसों से पिटाई कर दी। मामले में अब पुलिस आरोपी कर्मचारियों पर भी एक्शन की तैयारी में हैं।
पूरा मामला उत्तरप्रदेश के प्रयागराज का है। एंटी करप्शन टीम ने PDA के कनिष्ठ सहायक को 8 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। टीम उसे हिरासत में लेकर निकल ही रही थी, उसी दौरान PDA के अन्य कर्मचारियों ने हमला कर आरोपी को छुड़ाने की कोशिश की। पुलिस अब CCTV फुटेज से हमलावरों की पहचान कर रही है।
पुलिस के मुताबिक एंटी करप्शन टीम ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के एक कनिष्ठ सहायक (बाबू) को 8 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। ये पूरी घटना शांतिपुरम स्थित PDA कार्यालय की है, जहां टीम जैसे ही आरोपी को हिरासत में लेकर बाहर निकलने लगी, तभी अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया।
दोपहर करीब 3 बजे ट्रैप कार्रवाई की गई। आरोपी कनिष्ठ सहायक अजय कुमार ने एक फाइल आगे बढ़ाने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। शांतिपुरम निवासी प्राणेश पांडेय के नाम PDA से पांच साल पहले लॉटरी के जरिए जमीन आवंटित हुई थी। लॉकडाउन के दौरान नौकरी चली जाने के कारण वह समय पर रजिस्ट्री नहीं करा सके।
इस दौरान लेखाधिकारी और बाबू ने उनकी फाइल महीनों टालते रहे। जब वे रजिस्ट्री के लिए पहुंचे, तो कनिष्ठ सहायक अजय कुमार ने प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर उनसे 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। परेशान होकर उन्होंने अखबार में छपे नंबर से एंटी करप्शन यूनिट से संपर्क किया और शिकायत की।
एसीबी की टीम ने घूसखोर कर्मचारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। प्लानिंग के तहत एसीबी ने शिकायतकर्ता ने आरोपी को 8 हजार रुपए दिए और बाकी रकम काम पूरा होने के बाद देने की बात कही। इसी दौरान एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया।
रिश्वत लेते ही टीम ने अजय कुमार को पकड़ लिया। लेकिन जैसे ही टीम उसे लेकर बाहर जाने लगी, आरोपी ने खुद ही हंगामा करना शुरू कर दिया। उसके शोर मचाते ही PDA के अन्य कर्मचारी मौके पर जुट गए। देखते ही देखते कई कर्मचारी टीम पर झपट पड़े और आरोपी को छुड़ाने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कर्मचारियों ने एंटी करप्शन टीम को लात-घूंसों से मारा, धक्का-मुक्की की और विरोध किया। लगातार हस्तक्षेप के बावजूद टीम ने हिम्मत नहीं हारी और आरोपी को अपनी गिरफ्त में लिए रही। करीब कुछ मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन अंततः टीम अजय कुमार को वहां से निकालकर सिविल लाइंस थाने ले जाने में सफल रही।









