झारखंड- स्कूल में बड़ा हादसा: स्कूल में लगा आयरन स्टीम बॉयलर हुआ ब्लास्ट, पांच कर्मचारियों की हालत गंभीर, पुलिस जांच में जुटी
Jharkhand: A major school accident occurred. An iron steam boiler exploded inside the school, leaving five employees in critical condition. Police are investigating.

कोडरमा। स्कूल में बड़ा हादसा हो गया। इस घटना मे पांच कर्मचारियों के घायल होने की खबर है। हादसा उस वक्त हुआ, जब स्कूल में लगा आयरन स्टीम बॉयलर ब्लास्ट कर गया। इस घटना में घायल कर्मचारियों की स्थिति गंभीर बतायी जा रही है। पूरा मामला कोडरमा जिले के तिलैया डैम स्थित एक निजी आवासीय स्कूल का है। हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस भीषण हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। जिस आयरन स्टीम बॉयलर से हादसा हुआ, वह पिछले चार दिनों से खराब था।
कर्मचारियों ने इसकी जानकारी स्कूल प्रबंधन को दी थी और बॉयलर को बदलने की मांग भी की गई थी। बावजूद इसके, स्कूल प्रबंधक की ओर से लगातार टालमटोल की जाती रही। घायल कर्मचारी का आरोप है कि यदि समय रहते बॉयलर को बदल दिया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था।
मंगलवार को लॉन्ड्री के काम के दौरान अचानक बॉयलर में जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास काम कर रहे कर्मचारी उसकी चपेट में आ गए। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि स्कूल परिसर में दहशत फैल गई और छात्र-छात्राएं भी घबरा गए। हालांकि स्कूल प्रबंधक का कहना है कि बॉयलर नियमित रूप से उपयोग में था और किसी तरह की तकनीकी खराबी की जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही तिलैया डैम ओपी की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। डैम ओपी प्रभारी प्रेम कुमार ने बताया कि घटना के संबंध में प्रारंभिक जानकारी ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल घायलों या उनके परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस अपने स्तर पर तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
आवासीय विद्यालय होने से बढ़ी गंभीरता
बताया जा रहा है कि जिस स्कूल में यह हादसा हुआ, वह एक प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालय है, जहां बिहार और झारखंड के कई जिलों से छात्र रहकर पढ़ाई करते हैं। ऐसे में स्कूल परिसर में इस तरह का हादसा होना सुरक्षा मानकों और प्रबंधन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि बॉयलर विस्फोट किसी अन्य समय छात्रों की मौजूदगी में होता, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।









