शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव: “एक अभ्यर्थी–एक रिजल्ट” नियम लागू होगा नयी शिक्षक भर्ती में, जानिये इस नियम से छात्रों को कितना होगा लाभ, ये लागू होगा प्रावधान…
Major change in teacher recruitment: The "one candidate-one result" rule will be implemented in the new teacher recruitment. Find out how much this rule will benefit students. This provision will be implemented...

टीआरई-4 में अब एक अभ्यर्थी को सिर्फ एक ही कक्षा स्तर के लिए अंतिम चयन मिलेगा। इससे ज्यादा युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा और सीटों पर एक ही व्यक्ति के बार-बार चयन की समस्या खत्म होगी।
Teacher Vacancy News: शिक्षक बहाली की प्रक्रिया एक बार फिर बड़े और निर्णायक बदलाव के दौर से गुजर रही है। शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 (Teacher Recruitment Examination-4) में इस बार एक नई और अहम व्यवस्था लागू की जा रही है।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से होने वाली भर्ती को लेकर शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि टीआरई-4 में अब “एक अभ्यर्थी–एक रिजल्ट” का नियम लागू होगा। यानी कोई भी उम्मीदवार एक से अधिक कक्षा स्तर के लिए चयनित नहीं हो सकेगा। इस बदलाव को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समान अवसर की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
पहले क्या था, अब क्या बदलेगा
अब तक टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 में यह व्यवस्था रही है कि एक ही अभ्यर्थी प्राथमिक (कक्षा 1–5), मध्य (कक्षा 6–8) और माध्यमिक/उच्च माध्यमिक (कक्षा 9–12) स्तर—तीनों के लिए परीक्षा देकर अलग-अलग परिणामों में चयनित हो सकता था।
इसका नतीजा यह होता था कि एक ही उम्मीदवार के नाम पर कई सीटें चली जाती थीं, जबकि बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी चयन से वंचित रह जाते थे।टीआरई-4 में इस खामी को दूर करते हुए शिक्षा विभाग ने तय किया है कि परीक्षा एक ही होगी, लेकिन उम्मीदवार का अंतिम चयन केवल एक ही कक्षा स्तर पर होगा।
ज्यादा युवाओं के लिए खुलेगा मौका
नई व्यवस्था से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अधिक संख्या में उम्मीदवारों को नियुक्ति का अवसर मिलेगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे “सीट ब्लॉकिंग” की समस्या रुकेगी और भर्ती का वास्तविक उद्देश्य—शिक्षक कमी को दूर करना—पूरी तरह साकार हो सकेगा।
44 हजार पदों पर होगी भर्ती
टीआरई-4 के तहत करीब 44 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है। इसमें
• कक्षा 1 से 8 तक लगभग 19 हजार पद,
• कक्षा 9 से 10 तक करीब 12 हजार पद,
• और कक्षा 11 से 12 तक लगभग 13 हजार पद शामिल हैं।
सबसे अधिक नियुक्तियां गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और कॉमर्स जैसे विषयों में की जाएंगी, जहां लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है।
महिलाओं को मिलेगा आरक्षण, नियम सब पर समान
इस भर्ती में बिहार की मूल निवासी महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। हालांकि “एक अभ्यर्थी–एक रिजल्ट” का नियम महिला उम्मीदवारों पर भी समान रूप से लागू होगा। यानी आरक्षण का लाभ तो मिलेगा, लेकिन एक से अधिक कक्षा स्तरों में चयन संभव नहीं होगा।
सिस्टम सुधार की दिशा में कदम
फिलहाल बिहार में करीब 6 लाख शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि वास्तविक आवश्यकता इससे कहीं अधिक बताई जा रही है। पिछले दो वर्षों में टीआरई-1, 2 और 3 के माध्यम से करीब 2.27 लाख शिक्षकों की बहाली हुई, इसके बावजूद कई स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात संतोषजनक नहीं है। विभाग का मानना है कि नई नीति से इस असंतुलन को दूर करने में मदद मिलेगी।
जल्द जारी होगी अधिसूचना
शिक्षा मंत्री के अनुसार, रोस्टर प्रक्रिया पूरी होते ही बीपीएससी जल्द ही टीआरई-4 की अधिसूचना जारी करेगा। यह भर्ती न सिर्फ पदों की संख्या के लिहाज से अहम है, बल्कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, समान अवसर और न्यायपूर्ण व्यवस्था के लिहाज से भी मील का पत्थर साबित हो सकती है।
कुल मिलाकर, “एक अभ्यर्थी–एक रिजल्ट” नीति उन हजारों युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जो अब तक मेरिट होने के बावजूद चयन से बाहर रह जाते थे। टीआरई-4 में यह बदलाव शिक्षक बहाली की दिशा और दशा दोनों बदलने की क्षमता रखता है।









