चार लड़कियों ने एक साथ कर ली आत्महत्या? रहस्यमयी तरीके से हुई मौत ने पुलिस को भी चौकाया, गुपचुप तरीके से कर दिया अंतिम संस्कार

Four girls committed suicide together? The mysterious deaths shocked even the police, and the funeral was conducted secretly.

पांच नाबालिग लड़कियों ने सामूहिक आत्महत्या की कोशिश की। चार लड़कियों की मौत हो गई, जबकि एक के बच जाने से पूरे मामले का खुलासा हुआ। घटना ने प्रशासन और समाज दोनों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अभी तक आत्महत्या की वजह का खुलासा नहीं हो सका है।

________________________________________

Crime News : एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। 5 लड़कियों ने एक साथ जान देने की कोशिश की, जिसमें से चार लड़कियों की मौत हो गयी। वहीं एक लड़की की जान किसी तरह बच गयी।

पूरा मामला बिहार के औरंगाबाद जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में महादलित समुदाय की पांच नाबालिग लड़कियों ने एक साथ आत्महत्या करने की कोशिश की। इस हृदयविदारक घटना में चार लड़कियों की मौत हो गई, जबकि एक लड़की किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रही।

बची हुई लड़की की गवाही के बाद ही इस पूरे मामले का पर्दाफाश हो सका।घटना गुरुवार की बताई जा रही है, लेकिन इसका खुलासा शनिवार देर शाम हुआ। जानकारी के अनुसार, पांचों नाबालिग लड़कियां गांव के पास स्थित पइन और तालाब के किनारे बैठी थीं। इसके बाद सभी ने एक साथ जान देने का फैसला किया और पास के गेहूं के खेत की ओर चली गईं।

वहां चार लड़कियों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया, जबकि एक लड़की किसी तरह हिम्मत जुटाकर अपने घर पहुंच गई।घर पहुंचने के बाद उसने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए बाहर ले गए, जहां उसका उपचार चल रहा है और फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

इसी लड़की के बयान से यह सामने आया कि उसके साथ चार अन्य सहेलियों ने भी आत्महत्या की कोशिश की थी।उधर, चार नाबालिग लड़कियों की मौत के बाद गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है।

ग्रामीण इस घटना को लेकर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन दबी जुबान में सामूहिक आत्महत्या की बात स्वीकार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई के डर से परिजनों ने चारों मृत लड़कियों का एक ही जगह अंतिम संस्कार कर दिया।

यह मामला तब और गंभीर हो गया जब सामने आया कि घटना के बावजूद पुलिस को समय पर सूचना नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि गुरुवार को ही गांव में चौकीदार गया था और उस समय चारों बच्चियों के शव गांव में मौजूद थे, इसके बावजूद थाने तक कोई स्पष्ट सूचना नहीं पहुंच पाई। इस लापरवाही ने प्रशासनिक तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

दाउदनगर के एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।उन्होंने कहा, “सूचना मिलते ही चौकीदार को गांव भेजा गया था, लेकिन उस समय कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। फिलहाल एक टीम को गांव भेजा गया है और हर पहलू से मामले की छानबीन की जा रही है।”

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसी कौन-सी वजह थी, जिसने पांच नाबालिग लड़कियों को एक साथ इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। क्या उन पर सामाजिक, पारिवारिक या किसी अन्य प्रकार का दबाव था? इसके साथ ही यह भी चिंता का विषय है कि परिजन और ग्रामीण इस घटना को छिपाने की कोशिश क्यों कर रहे थे।

Related Articles