मुख्यमंत्री से मिला था गिफ्ट, तड़के पुलिस के वेष में पहुंचे चोर, फिर कर ली चोरी, जानिये क्या है पूरा मामला

A gift from the Chief Minister was received, but thieves disguised as police arrived in the early hours and then committed theft. Find out what the whole matter is.

Crime News : तड़के चोरी की अजीबोगरीब वारदात हुई है। पुलिस के वेष में पहुंचे चोर ने मुख्यमंत्री से गिफ्ट के रूप में मिले पैसे से खरीदे सामान की चोरी कर ली और फरार हो गये। इस घटना को लेकर अब इलाके में सनसनी मची है। आरोप है कि चोर चारपहिया गाड़ी से आये थे और शराब तस्करों की तलाशी की बात कहकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पूरा मामला बिहार के समस्तीपुर का है।

 

आरोप है कि तड़के पुलिस बनकर पहुंचे बदमाशों ने घर में घुसकर सात बकरियां चुरा लीं। चोरों ने खुद को पुलिस बताकर शराब माफिया की तलाश का बहाना बनाया और हथियार के बल पर परिवार को धमकाते हुए सीएम रोजगार योजना से खरीदी गई बकरियां उठा ले गए। ये बकरियां मुख्यमंत्री रोजगार योजना से खरीदी गयी थी।

 

बताया जा रहा है कि समस्तीपुर जिले के विद्यापति थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, तड़के करीब तीन बजे चारपहिया वाहन से पहुंचे बदमाशों ने खुद को पुलिस बताकर एक परिवार के घर में धावा बोला और हथियार के बल पर बकरियां चुराकर फरार हो गए। पीड़िता चंपा देवी के अनुसार, चोरी गई बकरियां उन्हें मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिले 10 हजार रुपये से खरीदी गई थीं।

 

रात 3 बजे घर में घुसे ‘नकली पुलिस’

धनेश्वरपुर दक्षिण पंचायत के वार्ड नंबर 9 में रहने वाली चंपा देवी अपने परिवार के साथ सो रही थीं। तभी चारपहिया वाहन में सवार कुछ लोग उनके घर पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खुलवाते ही खुद को पुलिस बताया और कहा कि “शराब माफिया इसी इलाके में घुसा है, उसे पकड़ने आए हैं।” विश्वास दिलाने के बाद वे घर में घुस गए और सीधे बरामदे में बंधी बकरियों की ओर बढ़े।

 

चंपा देवी ने रोका तो बदमाशों ने पिस्तौल दिखाते हुए धमकी दी—“साइड हो जाओ, नहीं तो गोली मार देंगे।”डरी-सहमी चंपा देवी और उनका परिवार पीछे हट गया। इसके बाद चोर चारों बकरियों को खोलकर अपनी गाड़ी में लोड कर फरार हो गए।

 

पड़ोस के घर से भी चुराईं तीन बकरियां

चंपा देवी ही नहीं, बदमाशों ने पड़ोस के एक और घर में घुसकर तीन बकरियां चुरा लीं। कुल मिलाकर सात बकरियां चोरी हुईं, जिनमें से ज्यादातर रोजगार योजना से मिले सरकारी धन से खरीदी गई थीं। ग्रामीणों का कहना है कि चोर हमेशा चारपहिया वाहन से आते हैं और पहले पुलिस बनकर घर वालों को भ्रमित करते हैं।

 

पीड़िता ने बताई पूरी कहानी

चंपा देवी ने बताया—

“सरकार से 10 हजार रुपये मिले थे। उसी से हमने 4 बकरियां ली थीं। चोर पुलिस बनकर आए और पिस्तौल दिखाकर बकरियां ले गए। इतना डर गए कि विरोध भी नहीं कर सके।”

ashrita

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