झारखंड: गर्भवती महिला को एंबुलेंस से उतारकर पैदल चलाने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, स्वास्थ्य विभाग से जवाब तलब, कल होगी सुनवाई
Jharkhand: High court strict in the case of making a pregnant woman walk after taking her out of ambulance, sought reply from health department, hearing will be held tomorrow

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने सदर अस्पताल में गर्भवती को एंबुलेंस से उतार कर 400 मीटर पैदल ले जाने मामले में हाईकोर्ट ने एक्शन लिया है। घटनाक्रम पर स्वत: संज्ञान लेते हुए चीफ जस्टिस ने जनहित याचिका में सुनवाई का आदेश दिया। दरअसल बजरा नदी टोली निवासी गर्भवती पुष्पा नाग को लेकर उसके परिजन सदर अस्पताल पहुंचे।
मुख्य गेट से इमरजेंसी गेट तक रास्ते में दोनों ओर वाहनों की कतार थी। पार्किंग ठेकेदार तीन लेयर में वाहन लगवाए हुए था। इस वजह से एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ पाया। एंबुलेंस का सायरन बजता रहा, लेकिन पार्किंग ठेकेदार गाड़ी हटवाने के लिए आगे नहीं आया।
ऐसे में मुख्य द्वार के पास ही एंबुलेंस को रोकना पड़ा। एंबुलेंस में पुष्पा दर्द से कराह रही थी। उसकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए परिजनों ने वहीं उसे एंबुलेंस से उतार लिया। एक परिजन ने इमरजेंसी के पास कर्मचारियों से ट्रॉली या व्हील चेयर मांगा, लेकिन नहीं मिला।
फिर परिजन कंधे का सहारा देकर गर्भवती को इमरजेंसी तक पहुंचाया। अदालत ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग से जवाब मांगते हुए मामले की सुनवाई 11 अगस्त को निर्धारित की है।









