धनबाद : SSC की परीक्षा में हाईटेक नकल का खुलासा, दो अभ्यर्थी सहित तीन गिरफ्तारी से मचा हड़कंप, 8 लाख रुपये में हुई थी डील
Dhanbad: High-tech cheating in SSC exam exposed, three arrests including two candidates create stir, deal struck for Rs 8 lakh

धनबाद में एसएससी (एमटीएस) ऑनलाइन परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो परीक्षार्थियों समेत परीक्षा केंद्र से जुड़े एक कर्मी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से ब्लूटूथ डिवाइस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
धनबाद। धनबाद में SSC की परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित मिनर्वा डिजिटल परीक्षा केंद्र में चल रही कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की एमटीएस ऑनलाइन परीक्षा के दौरान की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दो परीक्षार्थियों और परीक्षा केंद्र से जुड़े एक कर्मी को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में पुलिस ने बताया कि 4 फरवरी से 12 फरवरी तक परीक्षा केंद्र में एसएससी (एमटीएस) की ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जा रही थी। 12 फरवरी को दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान सेंटर को-ऑर्डिनेटर के माध्यम से कदाचार की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही गोविंदपुर थाना पुलिस की टीम तत्काल परीक्षा केंद्र पहुंची और जांच प्रारंभ की।
जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर कुछ परीक्षार्थियों की तलाशी ली। तलाशी के क्रम में दो अभ्यर्थियों के कान से अत्याधुनिक ब्लूटूथ डिवाइस, जिसे स्पाई ईयरपीस भी कहा जाता है, बरामद किया गया। इसके अलावा आरोपियों के पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
इस संबंध में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए परीक्षार्थियों की पहचान रौनक कुमार और बिट्टू कुमार के रूप में हुई है। दोनों अभ्यर्थी बिहार के लखीसराय जिले के निवासी हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि दोनों अभ्यर्थी कान में स्पाई ईयरपीस लगाकर परीक्षा दे रहे थे।
पुलिस ने इस मामले में एक अन्य आरोपी शशि कुमार को भी गिरफ्तार किया है, जो बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है। शशि कुमार परीक्षा केंद्र में रजिस्ट्रेशन मैनेजर के पद पर कार्यरत था। पुलिस को संदेह है कि नकल के इस संगठित नेटवर्क में सेंटर के भीतर से भी सहयोग मिल रहा था।
प्रति अभ्यर्थी 8 लाख रुपये की डील का खुलासा
पूछताछ के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, परीक्षा में पास कराने के नाम पर प्रति अभ्यर्थी करीब 8 लाख रुपये की डील तय की गई थी। इस डील के तहत लगभग 2.5 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में लिए गए थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
इस मामले में गोविंदपुर थाना कांड संख्या 68/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल दो अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं हो सकता। संभावना जताई जा रही है कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो हाईटेक उपकरणों के जरिए अभ्यर्थियों को नकल कराने का काम करता है।








