जयराम महतो का अल्टीमेट: “48 घंटे के भीतर नहीं हुई कार्रवाई, तो सड़क से सदन तक दिखेगा आक्रोश” 12 वर्षीय बच्ची से दरिंदगी व हत्या मामले में जयराम महतो की चेतावनी

Jairam Mahto's ultimatum: "If action is not taken within 48 hours, anger will be felt from the streets to the House of Assembly." Jairam Mahto's warning in the case of the brutality and murder of a 12-year-old girl.

हजारीबाग। जिले में 12 साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। वहीं इस मामले में राजनीति भी गरम है। भाजपा ने जहां प्रदर्शन और बंद को लेकर अलटीमेटम दे दिया है, तो वहीं अब डुमरी विधायक जयराम महतो ने भी मोर्चा खोल दिया है। जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड में 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या की घटना हुई थी।

लोग इस मामले में दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो उनकी पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं पर गहरा आघात है।

जयराम महतो विष्णुगढ़ प्रखंड के कुसुंभा पंचायत पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। जयराम महतो ने दो टूक कहा कि यदि 48 घंटे में कार्रवाई नहीं होती है, तो जेएलकेएम के बैनर तले पूरे झारखंड में सड़क से सदन तक जोरदार आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं, बल्कि समाज में न्याय और सुरक्षा की बहाली के लिए है।

जयराम महतो ने डीएसपी से फोन पर बातचीत कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा। जयराम महतो ने कहा कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिये, ताकि दोषियों पर जल्द से जल्द फैसला हो। उन्होंने डीएसपी से यहां तक कहा कि आरोपियों को फांसी दिलायी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

पुलिस-सरकार पर बरसे जयराम
जयराम महतो ने झारखंड सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशील नहीं है और अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को उचित न्याय, सुरक्षा और मुआवजा दिया जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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