झारखंड- 2 की मौत, 400 से ज्यादा घायल: रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसक झड़प, मुखिया के भाई सहित दो की मौत, कई लोग गंभीर रूप से घायल…

Jharkhand – 2 dead, over 400 injured: Violent clashes during Ram Navami procession, two dead, including the brother of a village head, several seriously injured…

हजारीबाग में रामनवमी जुलूस के दौरान हुए हिंसक झगड़ों और हथियार प्रदर्शन ने भयावह रूप ले लिया। दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने हालात नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
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हजारीबाग। हजारीबाग में रामनवमी जुलूस के दौरान जमकर हिंसा हुई। ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध इस जुलूस में हथियारों के प्रदर्शन और विभिन्न अखाड़ों के बीच आपसी विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जिसके चलते दो लोगों की मौत हो गई और 400 से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। जुलूस के दौरान अलग-अलग स्थानों पर झड़पें हुईं।

घायलों को तत्काल सदर अस्पताल सहित कई निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों में पांच लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।हजारीबाग का रामनवमी जुलूस अपनी भव्यता और परंपरा के लिए जाना जाता है, जो लगभग 36 घंटे तक चलता है। इसे देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

हालांकि, हर वर्ष की तरह इस बार भी जुलूस के दौरान विभिन्न अखाड़ों के बीच तनाव और विवाद की स्थिति बनी रही, जिसने इस बार हिंसक रूप धारण कर लिया।सबसे गंभीर घटना पेलावल ओपी थाना क्षेत्र के गदोखर गांव में सामने आई, जहां 40 वर्षीय राम कुमार साव उर्फ रामा साव की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई।

वह स्थानीय मुखिया के भाई बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जुलूस के दौरान दो युवक एक वाहन के बोनट पर चढ़कर नृत्य कर रहे थे। जब रामा साव ने उन्हें नीचे उतरने के लिए कहा, तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान युवकों ने भुजाली से वार कर उनकी हत्या कर दी।

इसके अलावा, जिले के अन्य थाना क्षेत्रों से भी मारपीट और चाकूबाजी की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। साथ ही, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि इस बात की भी जरूरत महसूस कराती है कि धार्मिक आयोजनों में अनुशासन और नियंत्रण को और अधिक सख्ती से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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