झारखंड- 6 लोगों की गयी जान: खदान हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई छह, परिजनों का आक्रोश भड़का, 48 घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद…

Jharkhand- 6 people died: The death toll in the mine accident rose to six, the family members were furious, after 48 hours of rescue...

धनबाद। कोल माइंस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गयी है। दरअसल कतरास के अंगारपथरा ओपी क्षेत्र स्थित अंबे आउटसोर्सिंग खदान में शुक्रवार को बड़ा हादसा हुआ था। पत्थरों के स्खलन के बाद सर्विस वैन खाई में गिर गई, जिससे छह मजदूरों की मौत हो गई। एनडीआरएफ और बीसीसीएल की टीम ने दो दिन तक चले अभियान में सभी शव बरामद कर लिए।

 

इधर, मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया।धनबाद जिले के बीसीसीएल एरिया-4 अंतर्गत अंगारपथरा ओपी क्षेत्र में संचालित अंबे आउटसोर्सिंग खदान में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हुआ। खदान में पत्थरों के अचानक स्खलन के बाद वहां खड़ी एक सर्विस वैन सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी। वैन में सवार छह मजदूरों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

 

दो दिनों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के तुरंत बाद बीसीसीएल की माइंस रेस्क्यू टीम ने अभियान शुरू किया और तीन शवों को खदान से बाहर निकाला। शेष शवों को निकालने के लिए शनिवार को एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। एनडीआरएफ कंपनी कमांडर कौशल कुमार ने बताया कि खदान में लगातार हल्की स्लाइडिंग हो रही थी, जिससे रेस्क्यू अभियान बेहद कठिन था।

 

इसके बावजूद बीसीसीएल और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम ने तीन और शव बरामद कर लिए। एक शव पत्थरों के बीच फंसा था, जबकि एक अन्य गहरे पानी में मिला।कौशल कुमार ने कहा कि यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि क्षेत्र पूरी तरह माइनिंग एरिया है। इसके बावजूद टीम ने हिम्मत नहीं हारी और सभी शव बाहर निकालने में सफल रही।

 

परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा

हादसे में मारे गए मजदूरों में से एक अमन का शव शुक्रवार को बरामद हुआ था। पोस्टमॉर्टम के बाद जब शव परिजनों को सौंपा गया, तो वे उसे लेकर अंबे आउटसोर्सिंग कंपनी के कार्यालय पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों ने कार्यालय के मुख्य गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और रोजगार की मांग की। खबर लिखे जाने तक अमन का शव कार्यालय के गेट पर रखा हुआ था।

गौर करने वाली बात यह रही कि हादसे के बाद से आउटसोर्सिंग प्रबंधन का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं था। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद प्रबंधन के लोग फरार हो गए।

 

“मेरे भाई के लिए न्याय चाहिए”

मृतक अमन के भाई पृथ्वी सिंह ने बताया कि अमन खदान में मैकेनिक सुपरवाइजर के पद पर काम करते थे। शुक्रवार को काम खत्म कर जब वे सर्विस वैन से लौट रहे थे, तभी वैन खाई में गिर गई और उनकी मौत हो गई। पृथ्वी ने कहा कि अमन की दो छोटी बेटियां हैं, जिनकी परवरिश की जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग प्रबंधन को उचित मुआवजा और मदद देनी होगी, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

ashrita

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