झारखंड-बिजली चोरी पर बड़ा एक्शन : 1185 बिजली चोरी प्रकरण पर FIR दर्ज, 8359 परिसरों की हुई जांच, 15 जिलों में कार्रवाई से हड़कंप
Jharkhand: Major action against power theft: FIRs registered in 1,185 cases of power theft, 8,359 premises inspected, crackdown in 15 districts

झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) ने बिजली चोरी रोकने के लिए सख्त हो गया है। पिछले 10 एवं 11 फरवरी को प्रदेश भर में सघन छापामारी अभियान चलाया। इस दौरान 8359 परिसरों की जांच में 1185 मामलों में विद्युत ऊर्जा चोरी पकड़ी गई। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, 179.66 लाख रुपये की सन्निहित राशि आंकी गई।
रांची। बिजली चोरी पर अब बड़ा एक्शन शुरू हो गया है। झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) द्वारा विद्युत ऊर्जा चोरी रोकने के लिए प्रदेश भर में छापेमारी हुई है।
10 और 11 फरवरी को राज्यव्यापी छापेमारी में निगम के मुख्यालय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक के अधिकारियों ने भाग लिया। अभियान का संचालन मुख्यालय के एपीटी (एंटी पावर थेफ्ट) सेल द्वारा किया गया।
यह छापेमारी नरेन्द्र कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक (निगरानी एवं सुरक्षा), झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के अनुमोदन के पश्चात संचालित किया गया। अभियान के दौरान राज्यभर में एक साथ कार्रवाई करते हुए कुल 119 टीमों का गठन किया गया, जिनमें विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे।
अभियान के तहत सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक व्यापक स्तर पर जांच और निरीक्षण कार्य किया गया। इस दौरान कुल 8359 परिसरों में विद्युत कनेक्शन, मीटरिंग सिस्टम एवं बिजली उपयोग की स्थिति का परीक्षण किया गया।
जांच के दौरान 1185 परिसरों में विद्युत ऊर्जा चोरी के मामले सामने आए। निगम अधिकारियों के अनुसार, इन परिसरों में अवैध कनेक्शन, मीटर बायपास, अनधिकृत लोड उपयोग तथा अन्य तकनीकी तरीकों से बिजली चोरी की जा रही थी।
बिजली चोरी के मामलों का खुलासा होने के बाद निगम ने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम द्वारा संबंधित थानों में भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
निगम के अनुसार, पकड़े गए बिजली चोरी के मामलों में विभिन्न मदों के तहत कुल 179.66 लाख रुपये की सन्निहित राशि आंकी गई है। इसमें बकाया विद्युत शुल्क, पेनल्टी एवं अन्य देय शुल्क शामिल हैं।
झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों ने कहा कि बिजली चोरी से न केवल निगम को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है।
अवैध खपत के कारण ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त लोड बढ़ता है, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित होने और तकनीकी खराबियों की संभावना रहती है।निगम ने स्पष्ट किया है कि विद्युत ऊर्जा चोरी के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार के सघन अभियान जारी रहेंगे।









