झारखंड- शव एक, दावेदार दो: सिपाही या फिर मजदूर? किसका है शव, दो-दो परिवारों ने की दावेदारी, पुलिस की भी जांच उलझी…
Jharkhand- One body, two claimants: A soldier or a labourer? Whose body is it, two families have claimed it, police investigation is also confused...

पलामू : एक अजीबोगरीब मामले ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। दरअसल लेस्लीगंज थाना क्षेत्र से 22 अगस्त को एक शव बरामद हुआ था। अब उस शव पर दो अलग-अलग परिवारों ने अपनी-अपनी दावेदारी ठोंक दी है। पुलिस के अनुसार, युवक की पत्थर से कुचलकर हत्या की गई थी और बाद में शव को जंगल में फेंक दिया गया था। लेकिन शव की पहचान को लेकर दो परिवारों के दावे ने मामले को और उलझा दिया है।
सिपाही विजय उरांव के रूप में किया गया दावा
दरअसल 23 अगस्त को सदर थाना क्षेत्र के चियांकी के रहने वाले एक परिवार ने शव की पहचान अपने परिजन विजय उरांव के रूप में की थी। विजय उरांव पुलिस के जवान थे और मुसाबनी में उनकी तैनाती थी। परिजनों का कहना था कि विजय 8 अगस्त से श्रावणी मेले की ड्यूटी के दौरान लापता थे। शव मिलने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाया और शव को परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद विजय उरांव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
दूसरा परिवार बोला – शव मजदूर सुदामा भुईयां का है
हालांकि, कुछ दिन बाद कहानी में नया मोड़ आया। सतबरवा के कमरू गांव की रहने वाली मंजू देवी ने पुलिस से कहा कि शव उनके पति सुदामा भुईयां का है, जो 19 अगस्त से लापता हैं। मंजू देवी का कहना है कि शव पर जो कपड़े पाए गए थे, वही कपड़े उनके पति पहने हुए थे।
पहचान को लेकर टकराव
इस तरह, जहां चियांकी का परिवार चेहरे के आधार पर शव को विजय उरांव का बता रहा है, वहीं सतबरवा का परिवार कपड़ों के आधार पर उसे सुदामा भुईयां का होने का दावा कर रहा है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर अड़े हुए हैं।
पुलिस की जांच में नया मोड़
पुलिस के सामने अब यह एक बड़ी चुनौती है कि वास्तव में शव किसका है। लेस्लीगंज थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय ने बताया कि दोनों परिवारों के दावों को गंभीरता से लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि,
“चियांकी के परिवार ने चेहरा देखकर शव की पहचान की थी, जबकि सतबरवा के परिवार ने कपड़ों के आधार पर दावा किया है। ऐसे में सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस डीएनए जांच का सहारा ले सकती है।”
दो गुमशुदगी, एक शव – रहस्य बरकरार
जानकारी के अनुसार, विजय उरांव 8 अगस्त से और सुदामा भुईयां 19 अगस्त से लापता बताए जा रहे हैं। दोनों ही परिवारों ने अपने-अपने स्तर पर गुमशुदगी की रिपोर्ट और जानकारी स्थानीय थानों को दी थी। अब एक ही शव पर दो परिवारों की पहचान ने पुलिस को उलझा दिया है।









