झारखंड-घूसखोर कर्मचारी गिरफ्तार : 7000 रुपये रिश्वत लेते कर्मचारी गिरफ्तार, बिल पास कराने के एवज में मांग रहा था रिश्वत, एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा

Jharkhand: Bribery-taking employee arrested: Employee arrested for taking Rs 7000 bribe; ACB caught him red-handed while demanding bribe to pass a bill

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और घूसखोर कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। सात हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रोजगार सेवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। कूप निर्माण की राशि आवंटित करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी, जिसकी शिकायत लाभार्थी ने एसीबी से की थी।
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ACB Raid : एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। पलामू में रिश्वत लेते एक कर्मचारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। एसीबी की टीम ने नौडीहा प्रखंड में पदस्थ रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार राम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि रोजगार सेवक ने कूप निर्माण कार्य में राशि आवंटन करने के बदले लाभार्थी से रिश्वत की मांग की थी।

जानकारी के अनुसार, कूप निर्माण योजना से जुड़े एक लाभार्थी का कार्य स्वीकृत होने के बावजूद भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी। रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार राम ने कहा था कि यदि उसे योजना की राशि चाहिए, तो इसके बदले उसे 7 हजार रुपये रिश्वत देनी होगी। मजबूरी में लाभार्थी ने इस पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो, पलामू से कर दी।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले को गंभीरता से लिया और सबसे पहले शिकायत की गोपनीय जांच कराई। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि रोजगार सेवक वास्तव में राशि आवंटन के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था। आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने तत्काल धावा दल (ट्रैप टीम) का गठन किया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई।

पूर्व निर्धारित योजना के तहत शुक्रवार को लाभार्थी रोजगार सेवक से मिलने पहुंचा। जैसे ही लाभार्थी ने तयशुदा स्थान पर रोजगार सेवक को 7 हजार रुपये की रिश्वत की रकम सौंपी, उसी समय पहले से मौके पर मौजूद एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रोजगार सेवक का हाथ धुलवाया। हाथ धुलाने पर पानी का रंग बदल गया, जिससे यह साफ हो गया कि उसने रिश्वत की रकम को छुआ था। यह प्रक्रिया भ्रष्टाचार के मामलों में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में दर्ज की जाती है।

इसके बाद एसीबी ने आरोपी रोजगार सेवक को विधिवत गिरफ्तार कर लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे पलामू लाया जा रहा है। यहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी और यह भी पता लगाया जाएगा कि कहीं इस तरह की गतिविधियों में अन्य लोग तो शामिल नहीं हैं।

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