झारखंड निकाय चुनाव: उम्मीदवारों की छोटी सी चूक कर देगी चुनाव से बाहर, उम्मीदवारों पर भी लागू होता है आचार संहिता का ये नियम, जानिये क्या-क्या है शर्तें

Jharkhand civic elections: A small mistake by a candidate will disqualify them from the election; this code of conduct also applies to candidates; find out the conditions.

Jharkhand Nikay Chunaw : नगर निकाय चुनाव-2026 को लेकर नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गयी है। इस बार चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव को लेकर आचार संहिता के सख्ती से पालन का आदेश दिया है।

चुनावी गतिविधियों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त दिशा-निर्देश उपायुक्तों को दिये हैं। नामांकन स्थल पर प्रत्याशी के साथ केवल तीन समर्थकों को ही अनुमति होगी, वहीं बिना अनुमति सभा, जुलूस, हथियार, लाउडस्पीकर और भड़काऊ प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
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Jharkhand Nigam Election : राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव-2026 को लेकर कड़े निर्देश जारी किये हैं। उपायुक्तों और पुलिस कप्तान को आचार संहिता के कड़ाई से पालन कराने को लेकर बार-बार हिदायत दी जा रही है।

आयोग के मुताबिक आचार संहिता का कड़ाई से पालन करना होगा। नामांकन प्रक्रिया 4 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगी। इस दौरान नामांकन स्थल के 100 मीटर के दायरे में प्रत्याशी अपने साथ अधिकतम तीन समर्थकों को ही ले जा सकेंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ कहा है कि कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए आचार संहिता का पालन जितना अनिवार्य है, उतना ही उम्मीदवारों के लिए भी जरूरी है। नामांकन को लेकर जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि आयोग ने इस संबंध में निर्वाची पदाधिकारियों को दो बार प्रशिक्षण दिया है।

उन्हें स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि नामांकन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखी जाए और अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों की सूक्ष्मता से जांच की जाए, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके।

बिना अनुमति सभा-जुलूस पर रोक
अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, किसी भी व्यक्ति, राजनीतिक दल, संगठन या उम्मीदवार को बिना सक्षम पदाधिकारी की पूर्व अनुमति के कोई सभा, जुलूस, धरना या प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं होगी। जुलूस के दौरान धारदार या घातक हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

लाउडस्पीकर और ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती
पूरे रांची नगर निगम क्षेत्र में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और वाहनों के जरिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर रोक रहेगी। केवल लिखित अनुमति प्राप्त करने के बाद ही सीमित शर्तों के साथ इसका प्रयोग किया जा सकेगा। नॉइज पॉल्यूशन रूल्स 2000 और झारखंड हाई कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। सार्वजनिक स्थलों पर 75 डेसिबल से अधिक ध्वनि प्रतिबंधित रहेगी।

सार्वजनिक संपत्ति पर प्रचार सामग्री वर्जित
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी सार्वजनिक या सरकारी संपत्ति पर नारे लिखना, पोस्टर-पैम्पलेट चिपकाना, बैनर, होर्डिंग या तोरण द्वार लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन करने पर प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1987 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

हथियार, सोशल मीडिया और धार्मिक स्थलों पर दिशा-निर्देश
चुनाव अवधि में कोई भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल लाइसेंसी हथियार लेकर नहीं चलेगा। केवल परंपरागत रूप से शस्त्र धारण करने वाले समुदाय, सुरक्षा बल और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को इससे छूट होगी।

सोशल मीडिया या किसी भी मंच पर आपत्तिजनक, भड़काऊ, जातीय या सांप्रदायिक टिप्पणी करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही धार्मिक स्थलों का राजनीतिक प्रचार के लिए उपयोग पूरी तरह निषिद्ध रहेगा।

मतदाताओं को डराने-धमकाने पर कार्रवाई
जिला प्रशासन ने आशंका जताई है कि चुनाव के दौरान राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के चलते शक्ति प्रदर्शन, हथियारों का प्रदर्शन, मतदाताओं को डराने-धमकाने या प्रलोभन देने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे मामलों में दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कहां लागू नहीं होगी निषेधाज्ञा
यह आदेश पूर्वानुमति प्राप्त सभा-जुलूस, शादी-बारात, शवयात्रा, हाट-बाजार, अस्पताल जा रहे मरीजों, विद्यालय-महाविद्यालय जाने वाले छात्रों तथा तैनात सरकारी कर्मियों पर लागू नहीं होगा। साथ ही कैंटोनमेंट क्षेत्र, परीक्षा केंद्र और शैक्षणिक संस्थान इससे बाहर रखे गए हैं।राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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