झारखंड: दर्जनों स्कूली बच्चे बाल-बाल बचे, स्कूल-आंगनबाड़ी केंद्र के करीब गिरा ठनका, रसोईया बेहोश, पेड़ के हो गये दो टुकड़े

Jharkhand: Dozens of school children had a narrow escape, lightning struck near the school-Anganwadi centre, cook fainted, tree split into two pieces

Jharkhand News : स्कूली बच्चे आज बाल-बाल बच गये। स्कूल के करीब गिरे ठनके में जहां स्कूल का रसोईया बेहोश हो गयी, तो वहीं एक पेड़ स्वाहा हो गया। घटना बोकारो जिले के झुमरा पहाड़ की तलहटी का है, जहां एक स्कूल और आंगनबाड़ी से सटी दीवार पर वज्रपात के बाद एक रसोईया मूर्छित होकर गिर गयी।

 

ये वज्रपात स्कूल की बाउंड्री से सटे पेड़ पर हुआ, जिसके बाद पेड़ बीचोबीच दो फाड़ हो गया। झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता सह मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने इस घटना पर कहा कि उपायुक्त बोकारो से बात करके आंगनबाड़ी केंद्रों में तड़ित चालक लगवाने की पहल करेंगे। उन्होंने कहा कि कोशिश होगी कि झारखंड में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में तड़ित चालक लग जाये।

 

मिली जानकारी के मुताबिक बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत पाचमो पंचायत के झुमरा पहाड़ की तलहटी में बिहायी महुआ गांव के प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र के सेट एक पेड़ पर गुरुवार को वज्रपात हुआ। पेड़ बीच से दो फाड़ हो गया। स्कूल की चहारदीवारी से सटे वृक्ष पर ठनका गिरने के बाद स्कूल में खाना बना रही रसोईया मूर्छित होकर गिर पड़ी।

 

बच्चे, शिक्षक एवं सेविका और सहायिका सब डर गये। ठनके की आवाज से स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में एक मिनट तक झनझनाहट महसूस होती रही। स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में सन्नाटा छा गया. दिन में करीब 11:30 बजे हुई वज्रपात की इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

 

ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि स्कूल में तड़ित चालक होने की वजह से स्कूल पर वज्रपात न होकर पास के पेड़ पर हुआ। लोगों ने बताया कि स्कूल परिसर के हाते में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन होता है। 2 महीने पहले बलथरवा-सिमराबेड़ा आंगनबाड़ी केंद्र में भी पेड़ पर वज्रपात होने से पेड़ जल गया था। उस समय बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र में नहीं थे।

Related Articles