झारखंड अभी-अभी: CBI ने हवलदार व उसके रिश्तेदार को 50000 रुपये घूस लेते किया गिरफ्तार, जानिये क्यों ले रहा था घूस, दूसरी किस्त लेते पकड़ाया
Jharkhand Just Now: CBI arrests constable and his relative for taking Rs 50,000 bribe, find out why he was taking bribe, caught taking second installment

CBI की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने सेना की जमीन से जुड़े एक बड़े रिश्वतखोरी मामले का खुलासा करते हुए सेना के एक हवलदार और उसके रिश्तेदार को 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामले ने सैन्य तंत्र में संगठित भ्रष्टाचार की आशंका को और गहरा कर दिया है।
रांची। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सेना के एक हवलदार और उसके सहयोगी रिश्तेदार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किये गये आरोपियों की पहचान हवलदार मुकेश कुमार राय और उसके रिश्तेदार दिनेश कुमार राय के रूप में हुई है। यह कार्रवाई सेना की जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य को पूरा कराने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, हवलदार मुकेश कुमार राय बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची के समीप स्थित Defence Land NOC, R&O, FLT Unit 56 APO में पदस्थापित है। उस पर आरोप है कि उसने सेना की जमीन पर बन रहे सुदर्शन अपार्टमेंट के ढलाई और निर्माण कार्य को पूरा करने के बदले ठेकेदार से पांच लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के बाद CBI ने बिछाया जाल
इस मामले में सिंह मोड़, कल्याणपुर निवासी शिवम उर्फ बिशु ने सीबीआई से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि हवलदार मुकेश कुमार राय यह कहकर रिश्वत मांग रहा है कि जिस भूमि पर अपार्टमेंट का निर्माण हो रहा है, वह सेना की जमीन है और बिना उसकी ‘मंजूरी’ के काम आगे नहीं बढ़ पाएगा।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने प्रारंभिक जांच की, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद हवलदार ने पांच लाख रुपये की रिश्वत को 50-50 हजार रुपये की किस्तों में लेने पर सहमति जताई।
दूसरी किस्त लेते ही गिरफ्तारी
शिकायतकर्ता के अनुसार, 13 जनवरी को पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये हवलदार को दिए गए थे। इसके बाद हवलदार लगातार और रकम देने का दबाव बना रहा था। बातचीत के दौरान 30 जनवरी को दूसरी किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लेने पर सहमति बनी।
सीबीआई ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया और जैसे ही 30 जनवरी को हवलदार मुकेश कुमार राय और उसके रिश्तेदार दिनेश कुमार राय ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
घर में छापेमारी, डिजिटल डिवाइस बरामद
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपियों की निशानदेही पर उनके आवास पर भी तलाशी ली। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। सीबीआई अब इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
संगठित भ्रष्टाचार की आशंका
सीबीआई को आशंका है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि सेना की जमीन से जुड़े मामलों में संगठित रूप से रिश्वत उगाही का नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
इसी आशंका के मद्देनज़र जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।सीबीआई ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को शनिवार को रांची स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस मामले में सीबीआई ने 30 जनवरी 2026 को कांड संख्या RC 0242026A004/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।सीबीआई ने हवलदार की गिरफ्तारी की सूचना रांची स्थित सेना मुख्यालय को भी दे दी है।









