झारखंड- 10000 करोड़ रुपये गायब: विधायक सरयू राय के आरोप ने मचायी राजनीतिक गलियारों में सनसनी, कहा, “मुख्यमंत्री-वित्तमंत्री जी जांच कराईये, कहां गया पैसा”
Jharkhand – ₹10,000 crore missing: MLA Saryu Rai's allegation sparked a political storm, saying, "Chief Minister and Finance Minister, please investigate, where did the money go?"

विधायक सरयू राय ने राज्य सरकार पर लगभग 10,000 करोड़ रुपये के गबन का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि इस भारी-भरकम राशि का कोई स्पष्ट हिसाब उपलब्ध नहीं है और प्रशासनिक स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। सरयू राय ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
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रांची। विधायक सरयू राय के एक आरोप ने झारखंड की राजनीति में फिर से सनसनी मचा दी है। जमशेदपुर पश्चिम से विधायक सरयू राय ने राज्य के खजाने से 10 हजार करोड़ रुपये गायब होने का आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने दावा किया है झारखंड सरकार के खजाने से लगभग 10,000 करोड़ रुपये गायब हो गए हैं और इस राशि का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है। सरयू राय के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
सरयू राय ने अपने पोस्ट में लिखा है कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि एक बड़े वित्तीय घोटाले की ओर संकेत है। उन्होंने बताया कि जब पूर्व वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव के कार्यकाल के दौरान इस राशि का ऑडिट कराया गया, तब गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। ऑडिट रिपोर्ट में राशि के उपयोग और उपलब्धता को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे।
विधायक सरयू राय के अनुसार, इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय सचिवों की एक बैठक भी बुलाई गई थी। हालांकि, उस बैठक में किसी भी अधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर यह 10,000 करोड़ रुपये कहां गए। राय का कहना है कि न तो फाइलों में इसका समुचित विवरण है और न ही किसी स्तर पर जवाबदेही तय की गई है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त मंत्री ने भी इस मुद्दे पर एक और बैठक की, लेकिन वहां से भी कोई ठोस या संतोषजनक जवाब सामने नहीं आया। सरयू राय ने आरोप लगाया कि इस बैठक का पूरा विवरण संबंधित विभागीय सचिव द्वारा मुख्य सचिव को भेज दिया गया है और इसके बाद से मामले को सार्वजनिक होने से रोकने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
झारखंड सरकार के खजाना का ₹10,000 करोड़ कहाँ गया पता नहीं चल रहा.पूर्व वित्त मंत्री डॉ॰ रामेश्वर उराँव ने ऑडिट कराया तो घपला उजागर हुआ.उन्होंने बैठक बुला विभागीय सचिवों से पूछा,पता नहीं चला.वर्तमान वित्त मंत्री और @HemantSorenJMM अरबों रूपए की इस वित्तीय हेराफेरी की जांच कराएँ.
— Saryu Roy (@roysaryu) February 3, 2026
सरयू राय ने यह भी कहा कि प्रशासनिक तंत्र इस गंभीर वित्तीय अनियमितता को दबाने में जुटा हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है, तो फिर 10,000 करोड़ रुपये के हिसाब से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और वित्त मंत्री से मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सरयू राय ने झारखंड सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हों। इससे पहले भी वे ऊर्जा विभाग से जुड़े लगभग 160 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) कथित रूप से गायब होने का मामला उठा चुके हैं।
उस समय भी उन्होंने मुख्यमंत्री से जांच की मांग की थी और मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही थी।फिलहाल, 10,000 करोड़ रुपये के इस गंभीर आरोप पर राज्य सरकार या वित्त विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।









