Jharkhand News : पूर्व मंत्री एनोस एक्का और सहित 11 आरोपियों का क्या होगा? 15 साल पुराने मामले में आज आयेगा फैसला, जानिये क्या है ये पूरा मामला…

Jharkhand News: What will happen to former minister Enos Ekka and 11 other accused? The verdict will come today in the 15-year-old case, know what the whole matter is...

रांची। सीबीआई की विशेष अदालत आज 15 साल पुराने CNT एक्ट उल्लंघन मामले में अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का और तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात समेत 11 लोग आरोपी हैं। आरोप है कि मंत्री रहते हुए एनोस एक्का ने फर्जी पते का इस्तेमाल कर आदिवासी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की थी।

 

15 साल पुराना मामला

दरअसल झारखंड में CNT एक्ट (छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम) का उल्लंघन कर जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ा यह मामला सालों से अदालत में लंबित था। आज सीबीआई की विशेष अदालत इस पर अपना फैसला सुनाएगी। पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनकी पत्नी मेनन एक्का समेत 11 आरोपियों पर आरोप है कि इन्होंने सरकारी पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए आदिवासी जमीन की अवैध खरीदारी की। इस फैसले पर कई लोगों की निगाहें है।

 

कैसे हुआ जमीन का सौदा

मामले की जांच में सामने आया कि मार्च 2006 से मई 2008 के बीच एनोस एक्का ने अपनी पत्नी मेनन एक्का के नाम पर कई जमीनों की खरीदारी की थी। इनमें –

• हिनू में 22 कट्ठा जमीन

• ओरमांझी में 12 एकड़ जमीन

• नेवरी में 4 एकड़ जमीन

• चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल जमीन शामिल है।

इन सौदों में तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर फर्जी पते और कागजातों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराई।

 

सीबीआई की जांच और चार्जशीट

हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 4 अगस्त 2010 को इस मामले में एनोस एक्का समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। विस्तृत जांच के बाद सीबीआई ने दिसंबर 2012 में चार्जशीट दाखिल की।

इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद 5 नवंबर 2019 को सीबीआई की विशेष अदालत ने एनोस एक्का और उनके साथियों पर आरोप तय किए। इसके बाद नियमित सुनवाई शुरू हुई। हाल ही में 22 अगस्त 2025 को बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने आज (29 अगस्त 2025) के लिए आदेश तय किया है।

 

किन-किन पर मुकदमा

इस मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात, राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर, ब्रजेश मिश्रा, अनिल कुमार, मनीलाल महतो, गोवर्धन बैठा, परशुराम केरकेट्टा और ब्रजेश्वर महतो मुकदमे का सामना कर रहे हैं।

 

ये फैसला अहम क्यों

रांची। सीबीआई की विशेष अदालत आज 15 साल पुराने CNT एक्ट उल्लंघन मामले में अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का और तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात समेत 11 लोग आरोपी हैं। आरोप है कि मंत्री रहते हुए एनोस एक्का ने फर्जी पते का इस्तेमाल कर आदिवासी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की थी।

15 साल पुराना मामला

दरअसल झारखंड में CNT एक्ट (छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम) का उल्लंघन कर जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ा यह मामला सालों से अदालत में लंबित था। आज सीबीआई की विशेष अदालत इस पर अपना फैसला सुनाएगी। पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनकी पत्नी मेनन एक्का समेत 11 आरोपियों पर आरोप है कि इन्होंने सरकारी पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए आदिवासी जमीन की अवैध खरीदारी की। इस फैसले पर कई लोगों की निगाहें है।

कैसे हुआ जमीन का सौदा

मामले की जांच में सामने आया कि मार्च 2006 से मई 2008 के बीच एनोस एक्का ने अपनी पत्नी मेनन एक्का के नाम पर कई जमीनों की खरीदारी की थी। इनमें –
• हिनू में 22 कट्ठा जमीन
• ओरमांझी में 12 एकड़ जमीन
• नेवरी में 4 एकड़ जमीन
• चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल जमीन शामिल है।
इन सौदों में तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर फर्जी पते और कागजातों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराई।

सीबीआई की जांच और चार्जशीट

हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 4 अगस्त 2010 को इस मामले में एनोस एक्का समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। विस्तृत जांच के बाद सीबीआई ने दिसंबर 2012 में चार्जशीट दाखिल की।

इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद 5 नवंबर 2019 को सीबीआई की विशेष अदालत ने एनोस एक्का और उनके साथियों पर आरोप तय किए। इसके बाद नियमित सुनवाई शुरू हुई। हाल ही में 22 अगस्त 2025 को बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने आज (29 अगस्त 2025) के लिए आदेश तय किया है।

किन-किन पर मुकदमा

इस मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात, राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर, ब्रजेश मिश्रा, अनिल कुमार, मनीलाल महतो, गोवर्धन बैठा, परशुराम केरकेट्टा और ब्रजेश्वर महतो मुकदमे का सामना कर रहे हैं।

ये फैसला अहम क्यों

झारखंड में जमीन से जुड़े मामलों में अक्सर CNT एक्ट और SPT एक्ट के उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं। यह मामला इसलिए खास है क्योंकि इसमें एक पूर्व मंत्री और कई प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका उजागर हुई है। फैसले से न केवल एनोस एक्का और उनके परिवार का राजनीतिक भविष्य प्रभावित हो सकता है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी पर भी बड़ा संदेश जाएगा।

झारखंड में जमीन से जुड़े मामलों में अक्सर CNT एक्ट और SPT एक्ट के उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं। यह मामला इसलिए खास है क्योंकि इसमें एक पूर्व मंत्री और कई प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका उजागर हुई है। फैसले से न केवल एनोस एक्का और उनके परिवार का राजनीतिक भविष्य प्रभावित हो सकता है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी पर भी बड़ा संदेश जाएगा।

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