झारखंड- थानेदार की पिटाई: बदमाश अब डरते नहीं हैं पुलिसवालों से, ड्यूटी में तैनात थानेदार को पकड़कर जमकर पीटा, सर भी फोड़ डाला
Jharkhand – Police officer beaten: Criminals are no longer afraid of policemen; the on-duty police officer was caught and beaten severely, even his head was broken.

खूंटी। झारखंड में लगता है बदमाशों में पुलिस का खौफ खत्म हो गया है। खूंटी जिले से एक खबर आयी है। जानकारी मिली है कि अति नक्सल प्रभावित रनिया थाना क्षेत्र में रविवार की देर शाम बड़ी घटना सामने आई, जहां डाईर मेले के दौरान नशे में धुत ग्रामीणों ने थानेदार विकास कुमार जायसवाल की पिटाई कर दी।
इस हमले में थानेदार के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिसके बाद उनका इलाज रनिया अस्पताल में कराया गया। प्राथमिक उपचार के दौरान उनके सिर पर टांके लगाए गए हैं।घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले की जांच तेजी से की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, रनिया थाना क्षेत्र के लोआगढ़ा बाजार में डाईर मेला आयोजित किया गया था।
मेले में भारी संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे, और जगह-जगह देसी शराब की बिक्री हो रही थी। नशे में धुत युवकों के आपसी झगड़े की सूचना पर रनिया थानेदार विकास जायसवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। उनका उद्देश्य स्थिति को शांत कराना और मारपीट को रोकना था। लेकिन स्थिति नियंत्रित करने के बजाय अचानक कुछ नशे में धुत युवकों ने थाना प्रभारी पर हमला कर दिया। यह हमला इतनी तेज था कि जवानों को बीच-बचाव कर किसी तरह थानेदार को भीड़ से निकालना पड़ा।
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत थानेदार को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही तोरपा एएसपी क्रिस्टोफर केरकेट्टा, इंस्पेक्टर अशोक सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी रनिया पहुंचे और मामले की जांच शुरू की।मौके पर पहुंचे सीओ सह बीडीओ प्रशांत डांग ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा:…
“डाईर मेले में कुछ युवक नशे की हालत में झगड़ा कर रहे थे। स्थिति को शांत कराने पहुंचे थानेदार पर ही युवकों ने हमला कर दिया। उनमें से कुछ ने सिर में चोट पहुंचाई है। मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
तोरपा सर्किल इंस्पेक्टर अशोक सिंह ने कहा कि हमलावर युवकों की पहचान की जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मेले में मौजूद वीडियो फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
घटना के बाद यह महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है कि मेले के आयोजन के लिए प्रशासन से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। बताया जा रहा है कि आयोजकों की ओर से शनिवार देर शाम आवेदन दिया गया था, जिसकी जांच अब की जा रही है। सीओ सह बीडीओ ने स्पष्ट कहा कि अवैध आयोजन और हमला—दोनों मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।









